नदीगांव–उरई |
नदीगांव क्षेत्र इन दिनों श्रीमद्भागवत कथा के पावन आयोजन से पहले भक्ति, श्रद्धा और प्रेम के सागर में डूबा नजर आ रहा है। गोवर्धनपुरा गांव से निकली भव्य कलश यात्रा ने मानो पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक चेतना से भर दिया। सिर पर कलश, होठों पर हरिनाम और आंखों में भक्ति की ज्योति लिए सैकड़ों श्रद्धालु महिलाएं, पुरुष और युवा इस दिव्य यात्रा का हिस्सा बने।
जैसे ही गाजे-बाजे और भक्ति संगीत के साथ शोभायात्रा आगे बढ़ी, वातावरण “हरि बोल”, “राधे-राधे” और “जय श्रीकृष्ण” के जयकारों से गूंज उठा। पूरा गांव मानो वृंदावन की अनुभूति कर रहा था। श्रद्धालु नाचते-गाते, प्रभु की महिमा का गुणगान करते हुए राम-जानकी मंदिर पहुंचे, जहां विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रों के बीच पवित्र जल से कलशों को अभिमंत्रित किया गया।
कलश यात्रा की वापसी के समय श्रद्धा का सैलाब और अधिक उमड़ पड़ा। गांव की परिक्रमा करती हुई शोभायात्रा जब यज्ञ स्थल पहुंची, तो वहां भावुक क्षण देखने को मिले। श्रद्धालुओं ने नम आंखों और कांपते हाथों से गंगाजल से भरे कलश स्थापित किए। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो प्रत्येक भक्त अपने हृदय को ही प्रभु चरणों में अर्पित कर रहा हो।
इस पावन अवसर पर महंत श्री श्री 1008 श्री बालक दास जी महाराज पचौनिया सरकार एवं यज्ञ समिति अध्यक्ष महंत श्री श्री 108 मोहनदास महाराज नरहरि सरकार अंडा ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन 30 जनवरी से 6 फरवरी तक किया जाएगा। प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से सायं 6:30 बजे तक प्रसिद्ध कथावाचक नरेन्द्र मिश्रा जी (काकाजू शास्त्री महाराज) अपने अमृतमय प्रवचनों से श्रद्धालुओं को भक्ति-रस में सराबोर करेंगे।
उन्होंने कहा कि भागवत कथा केवल कथा नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली दिव्य अनुभूति है, जो मनुष्य को प्रभु से जोड़कर सत्य, प्रेम और करुणा के मार्ग पर अग्रसर करती है।
इस आयोजन में अभिराम शास्त्री जी, दयानंद रामबिहारी, रामभूषण उदैनिया, अन्नू बुधौलिया, श्री प्रकाश शुक्ला, हरनारायण बोहरे, ओमजी महाराज, सोनू, मोनू, परमानंद, नीतू, बेटू बोहरे, रामबाबू पटेल, लल्ला पटेल, राहुल सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे








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