कुठौंद (जालौन)। कस्बा कुठौंद में संचालित एक निजी क्लीनिक में प्रसव के दौरान जच्चा और नवजात की मौत के बाद स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतका के परिजनों ने उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम नौरेजपुर निवासी जितेंद्र अपनी पत्नी रश्मि को 13 जून को प्रसव के लिए कस्बा कुठौंद स्थित न्यू बांके बिहारी पॉली क्लीनिक लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि क्लीनिक के चिकित्सकों और स्टाफ ने सामान्य प्रसव का भरोसा दिलाया, जिसके बाद महिला को भर्ती कर लिया गया।
बताया गया कि प्रसव के दौरान नवजात का जन्म हुआ, लेकिन कुछ समय बाद उसकी मृत्यु हो गई। इसके बाद क्लीनिक संचालकों ने महिला को अन्य अस्पताल ले जाने की सलाह दी। परिजनों के अनुसार पहले औरैया और फिर दूसरे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने महिला और नवजात दोनों को मृत घोषित कर दिया।
मृतका के पति ने आरोप लगाया है कि मामले के बाद क्लीनिक से जुड़े लोग उपचार संबंधी दस्तावेज अपने साथ लेकर चले गए। इसके बाद वह पत्नी और नवजात के शव के साथ थाना कुठौंद पहुंचे और पुलिस को लिखित शिकायत दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
घटना के बाद क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित निजी क्लीनिकों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कस्बा और आसपास के क्षेत्रों में कई निजी क्लीनिक बिना आवश्यक मानकों के संचालित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में भी प्रसव संबंधी मामलों में गंभीर घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
हालांकि, क्लीनिक संचालकों का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों की जांच कराने की मांग की है।




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