हमीरपुर। खनिज सम्पदा का धनी हमीरपुर जनपद मुख्यालय आज भी रेलवे लाईन के जुडाव से वंचित है। आज भी यहां के लोग टेªन को पकड़ने के लिए 20 किमी दूर की यात्रा करके जाते हैं अगर टेªन रात में लेट हो गयी तो सुमेरपुर या बरीपाल रेलवे स्टेशन में भीषण ठण्ड में रात गुजारने को मजबूर हो जाते हैं। इसे दुर्भाग्य ही कहा जायेगा कि प्रदेश का यह एक मात्र अभागा जिला मुख्यालय है जो रेलवे लाईन के जुड़ाव से वंचित है। हिन्दू समाज पार्टी के प्रदेश प्रभारी अयोध्या प्रसाद निगम , प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष कुमार सक्सेना ने प्रधानमंत्री को भेेजे पत्र में जिला मुख्यालय को रेलवे लाईन से जोड़ने की मांग की है। हालांकि रेलवे लाईन से जोड़ने की मांग पिछले सात दशक से चल रही है। सरकारें आयी , चली गयीं और जनता ठगी गयी । चुनावी सभाओं मंे बडे बड़े वायदे हुये मगर उसका दंश जनता झेल रही है। हमीरपुर जिले का सृजन 1802 में हुआ था । 1823 में यह अस्तित्व में आया । हमीरपुर खनिज सम्पदा में धनी है मगर रेलवे लाईन से जोडा नहीं जा सका । पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने हमीरपुर मुख्यालय को राठ से जोड़ने की बात कही थी इसी बात को अमित शाह ने पिछले चुनाव में दोहराया था। मगर जनता के हिस्से में सिर्फ आश्वासन आया। आनन्द वर्मा ने आॅनलाईन रेलवे मंत्रालय को पत्र भेजकर जोड़ने की बात कही है।







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