उरई। कोरोना के संक्रमण से लोगों के बचाव के लिए जो लोग कुछ भी कर रहे हैं वे सेतुबंध निर्माण में गिलहरी के अकिंचन योगदान जैसे ही स्तुत्य हैं। ऐसे कोरोना फाइटरों में एक नाम आटा की दीपा का भी जुड़ गया है।
संक्रमण रोकने में मास्क की उपयोगिता सुनने के बाद जब दीपा ने देखा कि संसाधनों की कमी के कारण कितने ही लोगों को मास्क मुहैया नहीं हो पा रहे हैं तो कपड़े के दो थान खरीदकर वे जुट गई मास्क बनाने में। इन मास्कों का वितरण वे आसपास के क्षेत्रों की गरीब महिलाओं को निशुल्क कर रही हैं। इस बीच उनकी लगन देखकर उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए कई लोग आर्डर भी देने लगे हैं। समाज सेवा के एक कार्य से आम से खास बनी दीपा का चित्र खींचने जब मीडिया कर्मी आते हैं तो अपने ऊपर उन्हें गर्व होता है। उनका कहना है कि इससे प्रेरणा मिलती है कि हर किसी को जनसेवा के द्वारा सुर्खियों में आने के लिए कोशिश करनी चाहिए।

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