उरई | कुठौन्द विकास खण्ड क्षेत्र के खेड़ा मुस्तकिल में रोजगार सेवक ने जिलाधिकारी चांदनी सिंह को ग्राम प्रधान के खिलाफ मनरेगा में भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर शिकायत की थी जिसको लेकर जांच करने पहुंचे डीसी मनरेगा अवधेश दिक्षित ने ग्राम प्रधान द्वारा कराए गए मनरेगा और विकास कार्यों की गहनता से जांच की | मौके पर कई खामियां पाई गई | मनरेगा हो या जन कल्याणकारी योजनायें पलीता लगाने में लगे हुए नवनिर्वाचित प्रधानों का कार्यकाल अभी 2 साल भी पूरा नहीं हुआ है | गांव में धांधली की शिकायतें लगातार गांव से आ रही हैं | जिसमें जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से कमीशन खोरी के चलते सही जांच नहीं हो पा रही है | ग्राम खेड़ा मुस्तकिल में रोजगार सेवक नरेंद्र सिंह और ग्राम प्रधान हरिबाबू द्वारा एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप और चल रहा है | वही रोजगार सेवक नरेंद्र सिंह ने 2 दिन पहले जिला अधिकारी चांदनी सिंह को एक शिकायती पत्र दिया था जिसमें बताया गया था कि ग्राम प्रधान द्वारा मनरेगा में धांधली की जा रही है | जिसको लेकर जिलाधिकारी ने खेड़ा मुस्तकिल गांव में डीसी मनरेगा को जांच करने के लिए आदेश दिया था | मौके पर पहुंचे डीसी मनरेगा से रोजगार सेवक और ग्राम प्रधान गुट के लोगों ने अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई | जॉब कार्ड धारक महेंद्र सिंह, विनोद , बच्ची लाल , विमल ने डीसी मनरेगा को बताया कि मनरेगा में पीछे 6 महीने द्वारा किए गए विकास कार्यों की मजदूरों की मजदूरी उन्हें अभी तक नहीं मिल पाई है वही रोजगार सेवक नरेंद्र सिंह ने शिकायत करते हुए बताया कि ग्राम प्रधान द्वारा सभी कार्य ट्रैक्टर और मशीनों से कराए गए हैं| जिसका पैसा बुजुर्गों एवं नाबालिग बच्चों के खाते में डाला जा रहा है |
डीसी मनरेगा अवधेश दीक्षित्न ने बताया कि मौके पर रोजगार सेवक और ग्राम प्रधान हरिबाबू दोनों की शिकायत दर्ज कर ली गई है जिसकी आख्या की रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी को भेजी जाएगी वही इसमे दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी | जांच टीमें विकास खंड अधिकारी कुठौंद प्रतिभा शाल्या, ग्राम पंचायत अधिकारी अरुण कुमार , सचिव शुभम बाजपेई आदि ग्रामीण मौजूद रहे |





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