उरई। राजकीय व अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के परिसरों को हराभरा, स्वच्छ और आकर्षक बनाने के लिए सरकार ने स्वयं सेवी संगठनों की तरफ मदद का हाथ बढ़ाया है। इसके लिए सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से अपने क्षेत्र से अधिकाधिक संख्या में विभिन्न पुरा छात्रों, स्वयं सेवी व्यक्तियों, समूहों, कंपनियों के साथ सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से मदद लेने के लिए कहा है। इसके लिए सभी विद्यालयों ने विद्यांजलि पोर्टल पर अपनी डिमांड अपलोड कर दी है। अब स्वयं सेवी संगठन इस पोर्टल पर जाकर सहयोग कर सकते हैं।
विद्यालयों के विकास में विद्यांजलि-5.0 प्रोग्राम का मुख्य उददेश्य भारत सरकार शिक्षा मंत्रालय स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा विकसित पोर्टल के माध्यम से मिशन मोड स्वयं सेवकों, पूर्व छात्रों, कॉरपोरेटस, गैर सरकारी संगठनों और समुदाय के सदस्यों से सहयोग प्राप्त कर राजकीय एवं सहायता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में आवश्यक कौशल या संसाधनों का विकास कराना है। इस अभियान से न केवल विद्यालयों की भौतिक आवश्यकताओं की पूर्ति होने की उम्मीद की गयी है बल्कि विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा दायक और आधुनिक शैक्षणिक वातावरण भी इससे प्राप्त होगा। उक्त जानकारी जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार पंडित ने दी।

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