अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा अलर्ट: मॉक ड्रिल से सिखाया गया आपदा से निपटने का हुनर”

उरई। अग्निशमन सेवा सप्ताह के तहत जनपद में अग्नि सुरक्षा को लेकर व्यापक जागरूकता और प्रशिक्षण अभियान तेज़ी से चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्य अग्निशमन अधिकारी अरविंद कुमार के निर्देशन में उरई स्थित उमिला हॉस्पिटल एवं महिला चिकित्सालय में विशेष निरीक्षण और मॉक ड्रिल (आपदा अभ्यास) का आयोजन किया गया।

मॉक ड्रिल के दौरान अस्पताल के कर्मचारियों को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें अग्निशमन उपकरणों के सही उपयोग की जानकारी देने के साथ-साथ मौके पर उपकरण चलाने का अभ्यास भी कराया गया, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में वे तत्परता से कार्रवाई कर सकें।

इसके साथ ही कालपी, कोंच और जालौन अग्निशमन केंद्रों द्वारा भी संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों में इसी प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिससे अधिक से अधिक लोगों तक अग्नि सुरक्षा का संदेश पहुंच सके।

अग्निशमन अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर आग की घटनाएं अत्यंत गंभीर हो सकती हैं, इसलिए यहां विशेष सतर्कता आवश्यक है। कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में तुरंत सूचना देने, धुएं की पहचान करने, अलार्म सिस्टम की नियमित जांच करने और ऑक्सीजन व विद्युत आपूर्ति को नियंत्रित करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया गया।

साथ ही सुरक्षित निकास मार्गों को हमेशा खाली रखने, गैस सिलेंडर के सुरक्षित उपयोग, विद्युत उपकरणों की नियमित जांच और ज्वलनशील पदार्थों के सुरक्षित भंडारण पर विशेष जोर दिया गया। आपात स्थिति में लिफ्ट का उपयोग न करने की भी सख्त हिदायत दी गई।

अधिकारियों ने कहा कि अग्निशमन सेवा सप्ताह केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनसुरक्षा का महत्वपूर्ण अभियान है। यदि हर व्यक्ति बुनियादी सावधानियों का पालन करे, तो आग जैसी आपदाओं से होने वाले नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है।

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