ऊमरी-उरई। बिना मान्यता के संचालित स्कूलों पर लगाम लगाने में शिक्षा विभाग विफल साबित हो रहा है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय के कड़े निर्देशों के बाद पिछले दिनों ऐसे विद्यालयों को बंद कराने के लिए अभियान चलाया गया था, लेकिन वह केवल औपचारिकता बनकर रह गया।
क्षेत्र में बड़ी संख्या में अनधिकृत विद्यालय अब भी संचालित हो रहे हैं। इसकी पुष्टि जालौन टाइम्स को मिली उस सूची से होती है, जिसमें तहसील माधौगढ़ क्षेत्र के ऐसे स्कूलों के नाम दर्ज हैं जो बिना मान्यता के संचालित बताए गए हैं।
सूची में एफ एल जे एल चोपरा, एस एम एस एकेडमी रामपुरा, जेपी मॉडर्न शिक्षा निकेतन रामपुरा, रश्मि पब्लिक स्कूल माधौगढ़, समर सिंह ज्ञान चेतना मंदिर माधौगढ़, नूतन आदर्श विद्या मंदिर माधौगढ़, एल पी प्रणवानन्द गुरुकुल, वीणा विद्या पीठ माधौगढ़, शीला एकेडमी रामहेतपुरा माधौगढ़, लिटिल एंजिला माधौगढ़, न्यू ग्लेक्सी माधौगढ़, रोज वैली चितौरा रोड माधौगढ़, जय मां काली कुरसेंडा माधौगढ़, बीपीएम एजुकेशन माधौगढ़, बचपन किड्स वर्ल्ड माधौगढ़, सरस्वती ज्ञान मंदिर बंगरा माधौगढ़, माइंड स्टोन बंगरा माधौगढ़, न्यू ग्लेक्सी बंगरा माधौगढ़, स्वामी विवेकानंद बंगरा माधौगढ़, बंशीधर द्विवेदी इंटर कॉलेज मिजौना बंगरा माधौगढ़, जय गुरुदेव इंटर कॉलेज गोहन माधौगढ़ तथा मां नारायणी एजुकेशन सेंटर गोहन माधौगढ़ के नाम शामिल बताए गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विभागीय कार्रवाई के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं, जबकि हकीकत में अधिकांश स्कूल पूर्व की तरह संचालित हो रहे हैं। अभिभावकों ने भी सवाल उठाया है कि जब विद्यालयों को मान्यता नहीं है तो बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी कौन लेगा।
सूत्रों के अनुसार प्रशासनिक स्तर पर कई बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद इन विद्यालयों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी। अब देखना यह होगा कि विभाग सूची में शामिल स्कूलों के विरुद्ध कोई ठोस कदम उठाता है या फिर अभियान एक बार फिर खानापूर्ति बनकर रह जाएगा।






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