फैमिली आईडी, दिव्यांग पेंशन और सूर्य घर योजना की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी
उरई। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित सीएम डैशबोर्ड, विकास कार्यों एवं राजस्व कार्यों की वर्चुअल समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप सभी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पहुंचना चाहिए।
फैमिली आईडी की समीक्षा के दौरान कई विभागों की प्रगति लक्ष्य के अनुरूप न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों का वेतन आहरित न किए जाने के निर्देश दिए। समीक्षा में कृषि विभाग में 20 हजार, ग्राम्य विकास विभाग में 10 हजार, समाज कल्याण विभाग में 16 हजार, प्रोबेशन विभाग में 3 हजार, श्रम विभाग में 6 हजार, बेसिक शिक्षा विभाग में 17 हजार तथा उपायुक्त स्वरोजगार कार्यालय में 9 हजार फैमिली आईडी लंबित पाई गईं।
जिलाधिकारी ने कहा कि फैमिली आईडी शासन की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके माध्यम से पात्र परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को व्यक्तिगत रुचि लेकर शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की बेहद धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारी को 15 दिनों के भीतर उल्लेखनीय सुधार लाने के निर्देश दिए।
दिव्यांगजन पेंशन योजना की समीक्षा में 19,070 आवेदनों के सापेक्ष केवल 162 स्वीकृतियां पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी फटकार लगाई और संबंधित अधिकारी का मई माह का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
वहीं कन्या सुमंगला योजना के 341 आवेदन लंबित मिलने पर जिलाधिकारी ने दस दिनों के भीतर सभी मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना की खराब प्रगति पर भी सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
अंडा उत्पादन एवं कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने पशुपालन विभाग को प्रगति में सुधार लाने को कहा। इसके अलावा मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, विश्वकर्मा श्रम सम्मान प्रशिक्षण योजना, ओडीओपी टूलकिट प्रशिक्षण योजना तथा एमओयू मॉनिटरिंग की समीक्षा करते हुए युवाओं को अधिकाधिक रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि शासन की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लक्ष्य पूर्ति में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।






Leave a comment