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Continue reading →: तबरेज हत्याकांड पर मुस्लिम समुदाय में आक्रोश, एसडीएम को दिया ज्ञापनकालपी। गत दिनों झारखंड में हुई तबरेज अंसारी की मौत से नगर व क्षेत्र के मुस्लिम खफा हैं। शुक्रवार को इसके विरोध स्वरूप मुस्लिम विद्वानों के नेतृत्व में एकजुट हुए मुसलमानों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। विदित हो कि झारखंड में भीड़ द्वारा किसी मामले को लेकर तबरेज अंसारी…
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Continue reading →: त्रिवेणी प्रसाद दीक्षित अध्यक्ष बने, मान सिंह कुशवाहा प्रबंधक
श्री बाबा दयाल दास इंटर कालेज एेकों की प्रबंधन कमेटी का चुनाव संपन्न कुठौंद। श्री बाबा दयाल दास इंटर कालेज एेकों का प्रबंधन कमेटी का चुनाव शांतिपूर्ण निर्विरोध संपन्न हुआ। चुनाव पर्यवेक्षक कौशल किशोर गुर्जर ने बारह सदस्यीय निर्वाचित सदस्यों की घोषणा की। गौरतलव है कि श्री बाबा दयाल…
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Continue reading →: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में कुठौंद विकास खंड प्रथम स्थान पर
नौ जोड़ों ने पहनाई एक दूजे को वरमाला कुठौंद। अग्नि को साक्षी मानकर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत जोड़ों ने यज्ञ मंडप के सात फेरे लगाकर जीवन भर एक दूसरे के अनुरूप मन वाणी कर्म से साथ जीने मरने की दृढ़ प्रतिज्ञा की। सामूहिक विवाह कार्यक्रम को लेकर…
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Continue reading →: सुप्रीम कोर्ट की रोक के वाबजूद जिले में फलफूल रहा गुटखाअवनीश दुबे विशेष संवाददाता उरई । दर्जनों मिश्रित गुटखा शहर में विभिन्न-विभिन्न क्षेत्रो में चोरी छिपे बनाए जा रहें है और जिसको लेकर कभी-कभी मुहिम चलाई जाती है परंतु मामला बाद में ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। करोड़ो रूपए का यह अवैध व्यापार जो कि कैंसर जैसी…
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Continue reading →: आधुनिक राजनीति में पौराणिक मिथकों के कूट संकेतपौराणिक मिथक बुद्धि विलास की उपज भर नही है, अगर आपके पार दृष्टि है तो मिथक सारगर्भित है। हर समकालीन संदर्भ को समझने के लिए सूत्र देते हैं। भारतीय समाज की वर्णाश्रम पद्धति को कर्म (श्रम) विभाजन की व्यवस्था माना जाता है। गांधी जी ने डा. अंबेडकर के सामने वर्णाश्रम…
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Continue reading →: सफेदपोशों का लोकतंत्र
लोकतंत्र को बहुमत का शासन कहा जाता है लेकिन यह भी दरअसल समाज के मुटठी भर सफेदपोश वर्ग जो कि वाचालता में निपुण होता है, का शासन होता है। कारगिल युद्ध में राजीव नजर आने लगे थे फरिश्ता दिलचस्प यह है कि सफेदपोशों को धारणाओं के मामले में गुलाट लगाने…
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Continue reading →: उन्माद की राजनीति का भविष्यलोकतंत्र में लोक यानी आम आदमी के हितों की पूरी सुरक्षा की जाती है, यह धारणा तो यूटोपिया की तरह है लेकिन यह एक प्रबंधन है जिससे किसी राष्ट्र राज्य की स्थिरता सुनिश्चित हो जाती है। शासन के खिलाफ भड़ास निकालने के अवसर की व्यवस्था लोकतंत्र का मूलभूत तत्व शासन…
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Continue reading →: बौद्ध दीक्षा से क्यों कतराता है आज का अंबेडकरवादबाबा साहब अंबेडकर की विरासत का दावा करने वाले गणमान्यों के बारे में भी जब यह रहस्योदघाटन हुआ कि उन्होंने बौद्ध धर्म ग्रहण नही किया है तो लोग आश्चर्यचकित रह गये। यह अधूरा अंबेडकरवाद है। जिसे लेकर सहज ही छल की आशंका होती है। दीक्षा के सियासी परिणामों का इंतजार…
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Continue reading →: कभी गलत नही होता लोगों का सामूहिक फैसलाराजनीति का एक सूत्र वाक्य है जनता कभी गलत नही होती। व्यक्तिगत तौर पर लोग गलत और मूल्यहीन हो सकते हैं लेकिन लोगों का सामूहिक विवेक और निर्णय मूल्य पक्षधरता को व्यक्त करता है। चार्वाकवादी युग निश्चित रूप से चार्वाकवादी इस युग में मौलिक आध्यात्मिक भावनाएं लोगों के अंदर घुटकर…
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Continue reading →: बहस के केन्द्र में है गोदी मीडिया
` लोक सभा चुनाव के नतीजों के बाद लोकतंत्र का तथाकथित चैथा स्तम्भ पहले स्तम्भ के निशाने पर है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनो ही अपने-अपने तरीके से मीडिया की भूमिका पर उंगली उठाने में लगे है। इस बीच गोदी मीडिया का मुहावरा एक गाली का रूप ले चुका है।…







