0 पूर्व सांसद अनुरागी बने जिले की राजनीति के महाबली
01orai0301orai01  01orai02उरई। दिनभर रहे सनसनी के माहौल के बाद देर शाम जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी फरहा नाज इस पद पर निर्विरोध निर्वाचित हो गई हैं। वे पहली जिला पंचायत अध्यक्ष हैं जिनका चुनाव बिना किसी विरोध के हुआ। हालांकि बसपा प्रत्याशी रूपम गौतम ने उनके मुकाबले पर्चा दाखिल कर दिया था लेकिन उन्होंने जमानत राशि दाखिल न करने सहित कई ऐसी चूकें की जिनसे जांच में उनका पर्चा खारिज हो गया। दूसरी ओर समाजवादी पार्टी की ओर से किसी भी बागी ने पर्चा दाखिल नही किया। फरहा नाज की सपा से उम्मीदवारी जितनी अप्रत्याशित थी उतना ही अप्रत्याशित रहा उनका निर्विरोध चुना जाना। पूर्व सांसद घनश्याम अनुरागी ने रातों-रात पार्टी के अन्य स्थानीय दिग्गजों को दरकिनार कर सपा हाईकमान से फरहा नाज की उम्मीदवारी तय करा दी थी। जिसके बाद पार्टी में असंतोष का ज्वालामुखी फट पड़ा था। इसके कारण कई बार उम्मीदवार बदले जाने की अफवाह फैली। यहां तक की आज नामांकन का समय शुरू हो जाने के बाद भी चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। 2 बजे के बाद फरहा नाज उम्मीदवारी का पर्चा दाखिल करने आईं। उनके प्रस्तावक और समर्थक शिशुपाल सिंह यादव व राधा अनुरागी बने। इस दौरान घनश्याम अनुरागी के अलावा जिले के प्रभारी गरौठा विधायक दीपनारायण यादव भी मौके पर पहुंच गये थे। इसी बीच बसपा प्रत्याशी रूपम गौतम पर्चा दाखिल करने पहुंची तो फिर अटकलों का बाजार गर्म हो गया। जिसको हवा दी सुदामा दीक्षित व विष्णुपाल सिंह की गैर मौजूदगी ने। हालांकि सपा के नेता इसके बावजूद जिस तरह से निश्चिंत थे। उससे यह साफ लग रहा था कि पार्टी प्रत्याशी की स्थिति पूरी तरह निरापद है। इसी बीच पर्चों की जांच शुरू हुई। जिसमें बसपा प्रत्याशी के पर्चे में कई गंभीर कमियां पाई गईं। कुछ ही देर में तय हो गया कि उनका पर्चा खारिज हो जायेगा। इसके बाद चुनाव की स्थिति का अनुमान कर भावी घटनाक्रम को लेकर की जा रही माथा-पच्ची का पटाक्षेप स्वतः हो गया। यह भी चर्चा है कि बसपा प्रत्याशी के पर्चें की खामियां सुनियोजित थी। जो भी हो लेकिन इस चुनाव से जिले में समाजवादी पार्टी की राजनीति में पूर्व सांसद घनश्याम अनुरागी का एकछत्र राज्य कायम हो गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी रामगणेश द्वारा रूपम गौतम का पर्चा खारिज किये जाने की घोषणा के बाद सपा खेमें में जश्न का माहौल छा गया। लगातार गोले दागकर फरहा नाज की जीत का अभिनंदन किया गया। जिले के प्रथम नागरिक का ओहदा पहली बार मुस्लमान के हाथ थमाकर सपा ने इस समुदाय में स्थानीय स्तर पर अपना अपरहैंड बना लिया है।

One response to “सारी अटकलें साबित हुई बेदम, फरहा के सिर सजा अध्यक्षी का ताज”

  1. triloki nath gupta Avatar
    triloki nath gupta

    Jalaun timed is working very promptly ï

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