उरई। जनपद के विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं के संयुक्त तत्वावधान में कालपी रोड स्थित राधिका इन के सभागार में बौद्धिक परिचर्चा एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, सामाजिक समरसता, भारतीय संस्कृति और समाज में एकजुटता जैसे विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। साथ ही हाईस्कूल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली मेधावी छात्राओं एवं शिक्षाविदों को सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि डॉ. राम कोमल प्रजापति ने अपने संबोधन में कहा कि वैदिक काल में सामाजिक छुआछूत का कोई अस्तित्व नहीं था। उन्होंने कहा कि यदि प्राचीन भारत में छुआछूत होती, तो अंगिरा, व्यास, वशिष्ठ और जैमिनी जैसे महान ऋषियों को समाज में सर्वोच्च स्थान प्राप्त नहीं होता। उनके अनुसार प्राचीन भारतीय समाज में योग्यता और गुण को सर्वोच्च महत्व दिया जाता था तथा वर्ण व्यवस्था कर्म और योग्यता पर आधारित मानी जाती थी।
मुख्य वक्ता डॉ. प्रवीण सिंह जादौन ने कहा कि शिक्षा ही वह सबसे सशक्त माध्यम है जो समाज से जाति और धर्म के आधार पर होने वाले भेदभाव को कम कर सामाजिक समरसता स्थापित कर सकती है। उन्होंने कहा कि शिक्षित समाज में तार्किक सोच, आपसी भाईचारा और समानता की भावना अधिक विकसित होती है।
विशिष्ट अतिथि अयोध्या प्रसाद प्रजापति ने कहा कि शिक्षित व्यक्ति आधुनिक तकनीक और संसाधनों का बेहतर उपयोग कर अपने जीवन में प्रगति कर सकता है। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा पर विशेष बल देते हुए कहा कि किसी भी समाज की प्रगति का आकलन वहां की महिलाओं की स्थिति से किया जाता है। एक शिक्षित महिला पूरे परिवार और आने वाली पीढ़ियों को शिक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे छेदा लाल प्रजापति ने कहा कि आधुनिक तकनीक ने लोगों को जोड़ा जरूर है, लेकिन मानवीय रिश्तों में दूरियां भी बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि समाज में बढ़ती ईर्ष्या, नफरत और संकीर्ण सोच को समाप्त करने के लिए सामाजिक एकजुटता आवश्यक है। एक संगठित समाज ही शिक्षा, चिकित्सा और जरूरतमंद लोगों के उत्थान के लिए प्रभावी ढंग से कार्य कर सकता है।
इस अवसर पर हाईस्कूल में उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर जनपद का नाम रोशन करने वाली मेधावी छात्राओं अंजली आर्या, रितिका और प्रियंका तथा शिक्षाविद राम प्रकाश प्रजापति, माता प्रसाद, पूरन लाल एवं कृष्णा बिहारी को अतिथियों ने प्रशस्ति-पत्र एवं सम्मान-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।
परिचर्चा में जिला पंचायत सदस्य विकल कुमार प्रजापति, जिला केंद्रीय सहकारी उपभोक्ता भंडार लिमिटेड जालौन के अध्यक्ष उपेन्द्र सिंह राजावत, केदारनाथ प्रजापति, राम प्रकाश प्रजापति, राजू प्रजापति तथा पूरन लाल प्रजापति ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन संयोजक श्यामकरन प्रजापति ने किया।
इस अवसर पर राहुल समाधिया, रविन्द्र परमार, अनुज द्विवेदी, कमलेश, राजेंद्र फौजी, कैलाश प्रजापति, रविन्द्र, प्रतिपाल प्रजापति, रामसिया रूप सिंह, अमित प्रजापति सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।




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