03उरई। बोहदपुरा में चल रहे शहीद भगत सिंह साइंस कालेज के एनएसएस शिविर के तीसरे दिन छात्र-छात्राओं ने गांव में स्वच्छता रैली निकाली और साफ सफाई के लिये उत्साहपूर्वक श्रमदान किया। उनकी लगन देखकर गांव वालों का भी जोश जाग पड़ा। गांव के कई लोग उनके साथ सफाई में जुट गये। जिससे कुछ ही देर में गांव चमाचम हो गया।
शिविर के दूसरे सत्र में महाविद्यालय के प्रबंधक सुधीर अïवस्थी ने आजादी से लेकर अभी तक के देश के आर्थिक राजनीतिक परिदृश्य का खाका खींचा और इस दौरान उत्पन्न चुनौतियों के सार्थक और विवेकपूर्ण समाधान के लिये नई पीढ़ी से अपनी प्रतिभा और कौशल का उपयोग करने की अपील की। शिक्षाविद् और समाजसेवी देवेन्द्र शुक्ला ने राष्ट्रीय स्वाधीनता संग्राम के महत्वपूर्ण प्रसंगों पर प्रकाश डालते हुए छात्र-छात्राओं को गणतंत्र के महत्व के बारे में अवगत कराया। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 1947 को देश को स्वाधीन किये जाने की घोषणा स्वतंत्रता संग्राम की सफलता का एक पड़ाव था लेकिन यह संग्राम अपनी परिणति पर तब पहुंचा जब 26 जनवरी 1950 को देश की नई व्यवस्था के लिये लोकतांत्रिक शासन प्रणाली को अपनाने की घोषणा की गयी। वरिष्ठ अधिवक्ता राजेन्द्र सिंह ने कहा कि गणतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि आज किसी हुकुमरां का शब्द ही कानून नहीं है। एक लिखित कानून के अनुसार देश में सारे कार्य होते हैं और इस कानून की तुला पर गरीब हो या अमीर सभी बराबर हैं।
प्राचार्य डा.अशोक सिंह परिहार, सुप्रिया दीक्षित, आदित्य चतुर्वेदी, रोहित अवस्थी, कुलदीप याज्ञिक, कौशल, राजवीर सिंह, राकेश तिवारी आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम अधिकारी दीपेन्द्र प्रताप सिंह ने आखिर में अतिथियों का आभार प्रकट किया।

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