कालपी-उरई। सटटेबाजी का जोर बढ़ने को लेकर आलोचनाओं से घिरी पुलिस को आखिर अपना चेहरा साफ करने के लिए कर्मकांडी कार्रवाइयों को मजबूर होना पड़ा है।
कुछ दिनों से शहर में सटटा का जोर काफी बढ़ गया है। पुलिस के संरक्षण में जगह-जगह बुकिंग कर पर्चियां दी जा रही हैं। इस लत के सबसे ज्यादा शिकार गरीब तबके के लोग हैं जो दिन भर की कमाई सटटे में लगाकर हार जाते हैं और रात में उनके बीबी-बच्चों को आटा सब्जी न होने की वजह से भूखें सोने को मजबूर होना पड़ता है। सटटा का जोर बढ़ने से आपराधिक घटनाएं बढ़ने की भी आशंका सिर उठाने लगी है। इस कारण बैचेन लोगों ने पुलिस के रवैये की शिकायत शुरू कर दी थी। जिस पर अधिकारियों से फटकार मिलने के बाद पुलिस को कार्रवाई का स्वांग रचाना पड़ा। नतीजतन मोहल्ला हरीगंज में सटटा लगा रहे विनीत राठौर को पुलिस ने दबोच लिया। उसके कब्जे से गत्ते का टुकड़ा सटटे की पर्ची व 120 रुपये की नगदी बरामद दर्शाई गई है।







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