
उरई। जिले के नौ विकास खंडों में क्षेत्र पंचायत प्रमुख पदों के लिए 24 लोगों ने नामांकन किया है। इनमे से तीन ब्लाॅकों में एक-एक पर्चे भरे जाने के कारण निर्विरोध निर्वाचन की स्थिति तय हो गई है। जिलाधिकारी रामगणेश ने आज पत्रकार वार्ता आयोजित कर कहा कि सभी स्थानों पर निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव की व्यवस्था की गई है। क्षेत्र पंचायत सदस्यों को डराने धमकाने की शिकायत आने पर कठोर कार्रवाई की जायेगी।
डकोर ब्लाॅक में क्षेत्र पंचायत प्रमुख का पद अनारक्षित होने के बावजूद पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिशुपाल सिंह यादव के पुत्र तेजपाल सिंह यादव को छोड़कर यहां कोई पर्चा नही भरा जा सका। जिससे तेजपाल द्वारा विजय पताका फहराना सुनिश्चित हो गया है। जालौन में भी पूर्व से तय स्थिति के अनरूप क्षेत्र पंचायत प्रमुख के अनुसूचित जाति आरक्षित पद के लिए अकेले नगर पालिकाध्यक्ष गुलाब सिंह जाटव के भाई तिलक सिंह का पर्चा भरा गया। इसी तरह कोंच में ब्लाॅक प्रमुख के अनारक्षित पद के लिए मात्र एक सपा के इंद्रकुमार सिंह निरंजन का पर्चा भरा गया।
उधर कदौरा में क्षेत्र पंचायत प्रमुख के अनारक्षित पद के लिए चार पर्चे भरे गये। जिनमें नैन कुंवर पत्नी साहब सिंह, विजय सिंह कुशवाहा निस्वा, केसर पत्नी रामकरन और नरेंद्र कुमार शामिल हैं। महेबा में यह पद अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित है। जहां तीन उम्मीदवार नीतू पत्नी अरविंद, शांति पत्नी बाबूराम और गीता पत्नी सुनील कुमार के पर्चें भरे गये हैं। रामपुरा में ब्लाॅक प्रमुख का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। सत्तारूढ़ पार्टी ने यहां से एकराय होकर दिनेश कुमार रजक को उम्मीदवार बनाया है। लेकिन उनके खिलाफ ममता दोहरे पत्नी भानुप्रताप का भी पर्चा दाखिल हो गया। इससे यहां निर्विरोध निर्वाचन की संभावना धूमिल हो गई है।
नदीगांव में मुकाबला सर्वाधिक रोमांचक है। यहां प्रमुख का पद महिला के लिए आरक्षित है। जिसके लिए अर्जुन सिंह पजौनिया की पत्नी शांति देवी, दुग्ध संघ के अध्यक्ष जमीपाल सिंह की पत्नी डाली, अंजू पत्नी दिनेश कुमार, गायत्री पत्नी रामगोपाल, संध्या पत्नी आनंद कुमार और सावित्री पत्नी चंदन सिंह ने पर्चे भरे हैं।
कुठौंद में ओबीसी महिला के लिए आरक्षित ब्लाॅक प्रमुख के पद पर चार पर्चे श्याम यादव की पत्नी पुष्पा देवी, भानुप्रताप की पत्नी नीलम, आदित्य कुमार की पत्नी शीतल और रीतू सिंह की पत्नी रश्मि ने पर्चे दाखिल किये हैं।
माधौगढ़ में ओबीसी के लिए आरक्षित पद पर सपा ने एक महिला सोनिया पत्नी अरविंद कुमार राठौर को उम्मीदवार बनाया है जबकि उनके मुकाबले अटल सिंह पुत्र दर्शन सिंह हैं। प्रशासन के दावे के विपरीत कई जगह सत्तारूढ़ पार्टी के उम्मीदवार द्वारा क्षेत्र पंचायत सदस्यों की धरपकड़ के आरोप लगाये जा रहे हैं। इस मामले में सर्वाधिक संवेदनशील स्थिति महेबा, माधौगढ़, कदौरा और नदीगांव ब्लाॅक की है।
जमानत राशि
जिलाधिकारी ने बताया कि ब्लाॅक प्रमुख चुनाव में सामान्य वर्ग के प्रत्याशी के लिए पांच हजार रुपये और अनुसूचित जाति, जनजाति व महिला के लिए ढाई हाजर रुपये की जमानत राशि तय की गई। इसके साथ ही एक प्रत्याशी चुनाव प्रचार में दो लाख रुपये तक खर्च कर सकता है।







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