Milky_way_broken_European (1)उरई। ब्लाॅक प्रमुख की चुनावी उठापटक में कांग्रेस विधायक के पति और पुत्र के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज होने से जिले की राजनीति गरमा गई है। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही हाईकोर्ट ने प्रदेश भर में बीडीसी सदस्यों के खिलाफ चुनावी सरगर्मी के बीच दर्ज मुकदमों में उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी। जिसमें जालौन जिले के कैलिया थाने में दर्ज मामले भी शामिल हैं। इसके बावजूद इस चुनाव से जुड़ी हलचलों में जिले में पुलिस की भूमिका को विराम नही दिया जा सका है।
कैलिया थाने में बीडीसी सदस्यों के खिलाफ लूट के दो मुकदमें कायम हुए थे जिन्हें लेकर पीड़ितों ने हाईकोर्ट में यह कहते हुए दरवाजा खटखटाया था कि सत्तारूढ़ पार्टी के प्रत्याशी के विरोध में कार्य करने की वजह से उनके दमन के लिये यह कुचक्र रचा गया है। हाईकोर्ट द्वारा इस मामले को संज्ञान में लेने से जिले में प्रशासन और पुलिस दबाव में थे। इसके बावजूद महेबा ब्लाॅक में समाजवादी पार्टी की घोषित प्रत्याशी नीतू चैधरी के सामने उम्मीदवार खड़ा करके पूरी ताकत से जोर आजमाइश कर रहे कांग्रेस विधायक उमाकांति सिंह के पति सुरेंद्र सिंह और उनके पुत्र अजयपाल के खिलाफ नीतू चैधरी की ओर से चुर्खी थाने में भयादोहन, बलवा, जान से मारने की धमकी देने और अनुसूचित जाति उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। नीतू चैधरी ने आरोप लगाया है कि सुरेंद्र सिंह, अजयपाल और चार-पांच अन्य लोगों ने उनसे अपना प्रत्याशी हटाने के लिए 20 लाख रुपये मांगे और धमकी दी कि अगर वे यह रकम नही देंगे तो उन्हें चुनाव नही लड़ने दिया जायेगा। दूसरी ओर सुरेंद्र सिंह का कहना है कि उक्त आरोप पूरी तरह झूठा है। नीतू चैधरी के समर्थक उल्टे तमाम बीडीसी सदस्यों को धमका रहे हैं। समाजवादी पार्टी की उनके ब्लाॅक में हार सुनिश्चित है जिसकी वजह से प्रशासन की आड़ लेकर उनके दमन की कोशिश की जा रही है लेकिन वे पीछे नही हटेगें।

Leave a comment