0 भाकियू ने उठाईं खेती किसानी की समस्यायें
Milky_way_broken_European (1)कोंच-उरई। भारतीय किसान यूनियन ने सरकार द्वारा वर्ष 2015 के सूखा राहत के लिये जो राहत राशि विभिन्न जनपदों के लिये आवंटित की है उसमें जिला जालौन को बहुत ही मामूली राशि उपलब्ध कराने पर गहरा रोष जताया है, यूनियन ने सरकार से मांग की है कि सूबे के अन्य जिलों के बराबर ही जिला जालौन को भी राहत राशि दी जाये ताकि यहां के पीड़ित किसानों को मुआवजा मिल सके।
भाकियू की मासिक पंचायत यहां गल्ला मंडी में कौशलकिशोर कुशवाहा पचीपुरा की अध्यक्षता एवं तहसील अध्यक्ष चतुरसिंह के संचालन में संपन्न हुई। पंचायत के दौरान किसानों की तमाम समस्यायें चर्चा के लिये आईं जिनमें सूखा राहत राशि के सरकार द्वारा किये जाने बाले असमान आवंटन के अलावा सिंचाई, कृषक बीमा आदि को लेकर चर्चा की गई। किसानों ने कहा कि खरीफ फसल बीमा में बर्ष 2015 का बीमा प्रीमियम जिन किसानों का लिया गया है उन सभी को बीमा राशि उपलब्ध कराई जाये, फरवरी माह में सिंचाई के लिये एक माह के लिये नहरें चलाईं जायें ताकि सिंचाई हो सके। किसानों की आरसी वापस ली जाये और बसूली में उत्पीडन पर तत्काल रोक लगे। खेतिहर मजदूरों को पर्याप्त काम दिया जाये ताकि पलायन को रोका जा सके, जिस जमीन पर हाईटेंशन विद्युत पोल लगाया जाये उसका मुआवजा तत्काल दिया जाये। इसके अलावा यूनियन ने यह भी मांग की कि वेतवा नहर प्रखंड प्रथम के जालौन रजवाहा पर डाड़ी पुल पर टेल बनाई जाये ताकि डाड़ी, नरैथा, चांदनी, घुसिया आदि गांवों में सिंचाई हो सके। पंचायत में जिला पंचायत अध्यक्ष फरहा नाज के आकस्मिक निधन पर गहन शोक प्रकट किया गया। इस दौरान बलरामसिंह लंबरदार, डॉ. केदारनाथ सिमिरिया, डॉ. पीडी, रामसिंह, जयरामसिंह, मंत्री धनौरा, शालिगराम, प्रतापसिंह, राधेलाल, रामस्वरूप मास्टर, श्यामसुंदर पटेल, शंभूदयाल, रघुराजसिंह, महेश, रामेन्द्रसिंह, रामसिंह काका, चतुरसिंह, श्यामसुंदर कैथी, कुंजविहारी फौजी, चंद्रपाल वोहरा आदि मौजूद रहे।

Leave a Reply