Milky_way_broken_European (1)कोंच-उरई। एक तरफ तो तमाम विभाग हाईटेक होकर लोगों को नई नई सहूलियतें मुहैया कराने की कोशिशों में लगे हैं, वहीं कोंच डाकघर बापिस पाषाणयुगीन स्थितियों में जाने की कोशिशों में जुटा है। कोंच एलएसजी सीबीएस होने के बाद तो इसमें सारे काम ठप पड़ गये हैं जिससे ग्राहकों को अच्छी खासी परेशानियों के दौर से गुजरना पड़ रहा है। डाकघरों में काम करने बाले एजेंटों की बात हो या आम ग्राहकों की, किसी के भी काम नहीं हो रहे हैं। कर्मचारियों द्वारा इसके लिये बड़े ही बेतुके तर्क दिये जा रहे हैं कि उन्हें कम्प्यूटर ज्ञान नहीं है, यदि वास्तव में ऐसा है तो नौकरी छोड़ कर उन्हें घर बैठना चाहिये। कम से कम ग्राहकों को सरकार द्वारा दी जाने वाली विभिन्न सुविधाओं का लाभ लेने तो वंचित नहीं होना पड़ेगा और विभाग को भी हानि का आंकड़ा नहीं देखना पड़ेगा।
राष्ट्रीय बचत अभिकर्ता संघ इकाई कोंच की एक आवश्यक बैठक यहां संपन्न हुई जिसमें नई पैदा हुई परिस्थितियों को लेकर चर्चा के बाद विभागीय उच्चाधिकारियों को एक शिकायती पत्र भेजकर कहा गया है कि उपडाक घर कोंच, मंडी शाखा आदि सीबीएस से जुडने के बाद पिछली 22 दिसंबर 2015 से सभी काम दोनों ही ब्रांचों में ठप पड़े हैं। अभिकर्ताओं और ग्राहकों को टका सा जबाब देकर टरका दिया जा रहा है। यहां तक कि सुकन्या समृद्धि बचत खाता, आरडी खाता, एमआईएस खाता, पंचबर्षीय सावधि जमा, किसान विकास पत्र, राष्ट्रीय बचत पत्र, पीपीएफ के उस दिन के बाद से एक भी खाते नहीं खोले जा सके हैं। इसका आकलन स्पष्ट हो जायेगा अगर ब्रांचों से इन खातों के बारे में विस्तृत आख्या मांग ली जाये। हालात यह हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लांच की गई अति महत्वाकांक्षी योजना सुकन्या समृद्धि के खाते खुलवाने वालों को बुरी तरह दुत्कार कर भगा दिया जाता है, यह कह कर प्रधानमंत्री ही खोलेंगे खाते। इस समस्या का हल उपमंडल अधिकारी के पास भी शायद नहीं है क्योंकि अभिकर्ता संघ ने जब उन्हें अपनी समस्या से अवगत कराया तो उन्होंने यह कहते हुये कि पोस्ट मास्टर जनरल से आगरा बात करो। बहरहाल, अगर ऐसा ही रहा तो सरकारी योजनाओं को तो दीमक ही चाट जायेगी और आम जनता उनके लाभ से महरूम हो जायेगी। इस दौरान संघ के अध्यक्ष रामकृष्ण शुक्ला, मंत्री वीरेन्द्र बहरे, राजेन्द्र भारद्वाज आदि मौजूद रहे।

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