0 चार अधिकारी निलंबित, 11 को प्रतिकूल प्रविष्टि
Milky_way_broken_European (1)उरई। समाजवादी पेंशन योजना में लापरवाही बरतना कई अधिकारियों को भारी पड़ गया। लक्ष्य की पूर्ति न होने और आवेदन पत्रों की जांच में शिथिलता बरतने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए 11 अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि व चार अधिकारियों के निलंबित करने के निर्देश मुख्य विकास अधिकारी को दिए। प्रतिकूल प्रविष्टि पाने वालों में समाज कल्याण अधिकारी के अलावा पांच बीडीओ और पांच अधिशासी अधिकारी शामिल हैं। निलंबन की जद में चार अधिशासी अधिकारी आये हैं। इन सभी अधिकारियों को सीडीओ ने कड़ी फटकार भी लगाई है।
मंडल में मुख्य सचिव की बैठक 13 फरवरी को प्रस्तावित है। जिसको लेकर शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। समाजवादी पेंशन का लक्ष्य पूरा करने और आवेदनों की जांच करने के लिए डीएम रामगणेश ने अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी थी लेकिन इसके बावजूद इसमें लापरवाही की गयी। गुरूवार को डीएम ने समाजवादी पेंशन योजना की प्रगति का जायजा लिया तो बेहद खराब स्थिति पाई गयी। लक्ष्य तो पूरा पाया ही नहीं गया, तमाम आवेदन पत्रों की जांच भी नहीं की गयी थी। बहुत से आवेदनों में खाता संख्या नहीं थी। इस लापरवाही पर नाराजगी प्रकट करते हुए डीएम ने समाज कल्याण अधिकारी जीआर प्रजापति सहित बीडीओ डकोर, बीडीओ महेवा, बीडीओ जालौन, बीडीओ रामपुरा, बीडीओ कुठौंद, अधिशाषी अधिकारी नगरपालिका जालौन, अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका कोंच, अधिशाषी अधिकारी नगरपालिका उरई, अधिशाषी अधिकारी नगर पंचायत ऊमरी, अधिशाषी अधिकारी नगर पंचायत नदीगांव को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश सीडीओ एसपी सिंह को दिए। इसके अलावा कालपी, कोटरा, माधौगढ़, कदौरा ईओ के खिलाफ निलंबित करने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लापरवाही करने वाले अधिकारियों को किसी सूरत में बख्शा नहीं जायेगा। बार बार कहने के बाद भी काम में शिथिलता की जा रही है। मुख्य सचिव की बैठक होनी है और योजना का हाल बुरा है। जिले के अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को नहीं समझ रहे हैं। इसके बाद सीडीओ ने भी अधिकारियों को फोन पर जमकर फटकार लगाई।

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