12orai03उरई। बसंत पंचमी पर आज कई स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किये गये। पहली बार विद्या की देवी सरस्वती से जुड़े माने जाने वाले इस त्यौहार की बधाईयों का हाईटेक आदान-प्रदान भी खूब हुआ।
बसंत पंचमी पर हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी डीवी काॅलेज के पास नरसिंह मंदिर में मेला का आयोजन किया गया। इसमें श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिर में स्थापित प्रतिमाओं के दर्शन के लिए पहुंचे। कई श्रद्धालु परम्परानुसार पीले वस्त्र पहनकर पहुंचे थे। मेले में सजी खाने-पीने की दुकानों और मनोरंजनों के आइटमों का महिलाओं और बच्चों ने खूब लुफ्त उठाया।
पुजारी अभय कुमार मिश्र ने भक्तों को विधि-विधान से नरसिंह भगवान के दर्शन के साथ-साथ उनकी पूजा कराई। विभूति विक्रम सिंह, मोहन गर्ग, चंदू पालीवाल, विजय भटट और पाठक जी आदि ने व्यवस्था में हाथ बटाया। उधर कालपी के नजदीक मदारा लालपुर में हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक मदार शाह की दरगाह पर जालौन और कानपुर देहात जिले से बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रसाद चढ़ाने और मन्नत मांगने पहुंचे। इनमें हिंदू और मुस्लिम दोनो सम्प्रदाय के श्रद्धालु थे। मंदिर में कंकड़ मारने जैसी कई अनूठी प्रथाओं को श्रद्धालुओं ने इस वर्ष भी दोहराया। इस अवसर पर आयोजन समिति की ओर से हुई सभा में क्षेत्र के प्रमुख लोगों ने मदार शाह की दरगाह को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए सरकार से अपेक्षित बजट जारी करने की मांग की।
इसी बीच इस बार व्हाटसएप जैसे सोशल मीडिया के मंचों की बदौलत इस बार बसंत पंचमी का उत्सव मनाने के उत्साह में एक नया आयाम जुड़ गया। जिसके तहत छात्रों और युवाओं ने आधुनिक पर्वों की तरह हैप्पी बसंत पंचमी के मैसेज डालकर त्यौहार की बधाइयां एक दूसरे को दीं।
उधर बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से बताया गया है कि शास्त्रीय पंचागों के अनुसार बसंत पंचमी का मुहूर्त शुक्रवार की बजाय शनिवार के दिन माना जा रहा है। इसलिए परिषदीय स्कूलों में बसंत पंचमी का अवकाश आज निरस्त कर कल रहेगा।

Leave a Reply