0 मूल्यों की राजनीति की बहाली के लिए युवाओं का दखल जरूरी
12orai0112orai02उरई। भगवान राम सत्ता के केंद्र में युवाओं के अवतरण के प्रतीक हैं। सार्वजनिक जीवन में मर्यादाओं की स्थापना तभी सम्भव है जब युवाओं के हाथ में सत्ता की बागडोर सौंपी जाये। इसके लिए युवाओं को राजनीति में आगे आने के लिए तत्पर होना पड़ेगा।
यह बात समाजसेवी और यूथ आईकोन विकास बाबा ने माधौगढ़ विधान सभा क्षेत्र के कई गांवों में रामलीलाओं का शुभारंभ करते हुए कही। उन्होंने ग्राम करहइया में कहा कि आजादी की लड़ाई को तेज करने में रामलीलाओं के मंचन से बड़ी मदद मिली। क्योलारी में उन्होंने कहा कि भगवान राम की कथा सत्ता पर युवाओं के अधिकार को सिद्ध करती है। सुलखना में उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और अपराधीकरण जैसी कुरीतियों से हमारा लोकतंत्र सिसक रहा है। जिसका उद्धार मर्यादाओं के पालन से ही संभव है। इसलिए मर्यादा पुरुषोत्तम की कथा आज के समय देश के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। धनौरा में उन्होंने कहा कि रामलीला रिश्तों के लिए बलिदान की भावना को मजबूत करती है। जो समाज और परिवार की स्थिरता के लिए बेहद जरूरी है। तीतरा खलीलपुर में विकास बाबा ने रामलीला के बहुउददेशीय अवदान पर प्रकाश डाला और कहा कि मूल्यों पर आधारित समाज और राजनीति के लिए रामलीलाओं के मंचन से काफी मदद मिल सकती है।
उधर कस्बा जालौन में चुर्खी बाबई रोड पर स्थित अक्षरा गार्डन में आज आयोजित प्रजापति समाज के सामूहिक विवाह समारोह में भी विकास बाबा ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि विवाह समारोह में दिखावा और फिजूलखर्ची बढ़ने से गरीबों के अरमान पर वज्रपात होता है। सामूहिक विवाहों के आयोजन इसमें सुधार के लिए एक अच्छी पहल है। उन्होंने कहा कि समाज के अगुवाकार लोगों को इस पहल को प्रोत्साहित करना चाहिए।
फोटो परिचय-12उरई01-रामलीलाओं के मंचन में संबोधन करते विकास बाबा

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