0 बिना सेंटर तक पहुंचे बिना ही कईयों ने मुंह फेरा परीक्षा से
कोंच-उरई। हाईस्कूल और इंटर की बोर्ड परीक्षायें आज बिना किसी आहट के शुरू हो गई, दिलचस्प यह है कि एग्जामिनेशन सेंटरों का दौरा करने पर ऐसा लगा जैसे रामराज्य आ गया हो। अधिकांश परीक्षा केन्द्रों पर बिना पुलिस सुरक्षा के इम्तिहान हो रहे थे। वह तो गनीमत यह है कि यहां के शांत लोगों की बजह से परीक्षायें शांतिपूर्वक निपट गईं। इस बाबत अगर स्थानीय पुलिस की बात करें तो उसका कहना है कि उनके पास इतनी न तो फोर्स ही नहीं है और न ही होमगार्ड परीक्षा के लिये मिले हैं, फिर भी उपलब्ध फोर्स से काम चलाया जा रहा है और जहां जरूरत जैसी है वैसी व्यवस्था की जा रही है। सुबह की पाली में हाईस्कूल हिंदी के पेपर में कई परीक्षार्थी बिना परीक्षा केन्द्रों का मुंह देखे ही नदारत रहे।
गुरूवार से यूपी बोर्ड की परीक्षायें दबे पांव प्रारंभ हो गई, कस्बाई परीक्षा केन्द्रों पर नाम मात्र के परीक्षार्थियों के सेंटर बनाये गये हैं जबकि देहात इलाकों में सेंटर ठसाठस भरे हैं। अधिकांश परीक्षा केन्द्रों पर न तो पुलिस के ही जवान दिखे और न ही होमगार्ड्स, यानी पूरी ईमानदारी से बश्चे परीक्षा दे रहे हैं और अभिभावक भी ज्यादा डिस्टर्ब न करके परीक्षा केन्द्रों के बाहर ही जमे रह कर अपने पाल्यों पर निगाहें जमाये हैं। अमरचंद्र महेश्वरी इंटर कॉलेज केन्द्र पर आठ स्कूलों के 266 परीक्षार्थी पंजीकृत थे जिनमें 33 गैरहाजिर रहे। प्रधानाचार्य ओमप्रकाश ने बताया कि परीक्षायें शांति पूर्वक चल रहीं हैं अलबत्ता पुलिस सुरक्षा नाकाफी है। सेठ विन्द्रावन इंटर कॉलेज में सिमिरिया इंटर कॉलेज, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज कोंच, अमरचंद्र महेश्वरी इंटर कॉलेज कोंच तथा गणेशप्रसाद उश्चतर माध्यमिक विद्यालय चमरसेना का केन्द्र है, पहली पारी में 275 पंजीकृत छात्रों में 15 अनुपस्थित रहे। नगर पालिका परिषद् कोंच द्वारा संचालित कमला नेहरू बालिका इंटर कॉलेज में स्कूल की बच्चियों के होम सेंटर के अलावा सेठ विन्द्रावन व्यक्तिगत, पं. रामस्वरूप रावत मैमोरियल हाईस्कूल, गणेश उश्चतर माध्यमिक चमरसेना एवं पूरनसिंह इंटर कॉलेज पनयारा की छात्राओं का सेंटर है, कुल 144 पंजीकृत छात्राओं में 9 गैरहाजिर रहीं। एसआरपी इंटर कॉलेज कोंच में विन्द्रावन स्कूल, सामी, छानी तथा भेंड़ के सेंटर हैं। यहां प्रधानाचार्य डॉ. रमेशचंद्र पांडे ने बताया कि 378 पंजीकृत परीक्षार्थियों में 31 गैरहाजिर रहे।
नकल संस्कृति के कारण सूनर है कस्बाई केन्द्रों पर-ब्रजबल्लभ
सेठ विन्द्रावन इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य ब्रजबल्लभ सिंह सेंगर ने कस्बाई परीक्षा केन्द्रों पर न के बराबर परीक्षार्थियों की संख्या को लेकर बेलाग कहा कि यहां पसरी नकल संस्कृति इसके लिये जिम्मेदार है। नकल माफियाओं के खेल के कारण कस्बाई परीक्षा केन्द्रों की वनिस्वत देहात इलाकों के स्कूलों को केन्द्र बनवाने के पीछे भी उन्हीं का हाथ है। नकल माफियाओं की सोच है कि देहात में नकल कराना आसान होता है और अधिकारियों की आवागश्च भी वहां कम रहती है। उन्होंने पुलिस सुरक्षा को लेकर भी कहा कि सेंटर के बाहर एक भी पुलिस कर्मी नहीं है, ऐसे में परीक्षायें किस प्रकार हो पा रही हैं, इसे बखूबी समझा जा सकता है।
सब कुछ कोर्स के अंदर से आया
परीक्षा देकर निकले परीक्षार्थी शिवम कुशवाहा के चेहरे की खुशी देखने लायक थी। उसने कहा कि पेपर में ऐसा कुछ भी नहीं था जो कोर्स के बाहर का हो, सो उसे प्रश्न हल करने में कोई कठिनाई नहीं हुई। उसने बताया कि उसका पेपर बहुत ही अश्छा गया है और अश्छे माक्र्स मिलने की उम्मीद है।
बोर्ड का पहला अनुभव काफी रोमांचक रहा
हाईस्कूल की परीक्षा देकर निकले परीक्षार्थी शेर बहादुर यादव पहले पेपर के दौरान काफी रोमांच का अनुभव कर रहा था, उसने बताया कि अभी तक वह बोर्ड परीक्षाओं के बारे में केवल सुनता रहा है लेकिन आज उसने अनुभव भी कर लिया जो काफी अश्छा और यादगार रहा।
पढ़ने वाले छात्रों के लिये काफी इजी था पेपर
एक और हाईस्कूल के परीक्षार्थी शिवम लाक्षकार जब पेपर देकर बाहर निकला तो उसके चेहरे का आत्मविश्वास देखने लायक था। उसने बताया कि पहले वह काफी नर्वस था कि पता नहीं क्या पूछा जाये लेकिन जब उसने पेपर देखा तो काफी अच्छा था और पढने बाले छात्रों को कोई दिक्कत नहीं हुई होगी इसे सोल्व करने में।







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