0 यूरिया एवं डीएपी भारी मात्रा में उपलब्ध
27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ceउरई। इस बार किसानों को खाद के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। खाद की इतनी उपलब्धता है कि शायद खरीफ की फसल के लिए भी खाद न मंगानी पड़े। इसी स्टाक से खरीफ के लिए किसानों को खाद की आपूर्ति की जा सकती है। वर्तमान में जिले में सहकारिता विभाग के पास 35635 मीट्रिक टन यूरिया और 23803 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है। यह उपलब्धता दो दिन पहले आई खाद की रैक को मिलाकर है।
हर बार खाद को लेकर मारामारी की स्थिति रहती थी। किसानों को लंबी लाइन खाद के लिए लगानी पड़ती थी उसमें भी कोई जरूरी नहीं कि खाद मिल ही जाये। कभी कभी तो हालत यह हो जाती थी कि किसानों को दो दिनों तक समितियों में डेरा जमाना पड़ता था। इस समस्या को देखते हुए अबकी बार पहले ही तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं। जितनी खाद शुरूआती दौर में आई उसके बाद भी डिमांड भेजी जाती रही ताकि खाद की किल्लत किसी भी सूरत में न होने पाये। अब स्थिति यह है कि खाद इतनी अधिक हो गयी है कि खरीफ की फसल में खाद न भी मंगाई जाये तो काम चल जायेगा। सहकारिता विभाग के पास वर्तमान में 35635 मीट्रिक टन यूरिया और 23803 मीट्रिक टन डीएपी की उपलब्धता है। सहायक निबंधक सहकारिता वीरेंद्र बाबू दीक्षित ने बताया कि खाद की कोई कमी नहीं है। दो दिन पहले भी यूरिया और डीएपी की रैक जिले में आई है जिससे पर्याप्त मात्रा में खाद गोदामों में उपलब्ध है।

Leave a Reply