0 नवीन पेंशन योजना समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना करें लागू
उरई। माध्यमिक एवं प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी नवीन पेंशन योजना प्रदेश स्तर में लागू किये जाने के बावजूद भी वर्ष 2005 से पेंशन पाने से वंचित हैं और जीपीएफ भी नही कट रहा है। जिससे हजारों शिक्षक कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। इस बात का विरोध करते हुए उत्तर प्रदेश माध्यमिक एवं प्राथमिक शिक्षक संघ जनपद इकाई के अध्यक्ष गिरेंद्र सिंह कछुवाह ने दर्जनों शिक्षकों के साथ मिलकर प्राधनमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट पीके सक्सेना को सौंपकर कर्मचारी विरोधी नई पेंशन नीति का समाप्त करने की मांग की। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम् से बताया कि 1 अप्रैल 2004 से जिस प्रकार केंद्रीय कर्मचारियों पर नवीन पेंशन योजना लागू की गई है उसी तरह वर्ष 2005 से यह योजना पूरे प्रदेश में लागू की गई। 10 वर्ष बीतने के बावजूद भी कर्मचारी पेंशन योजना से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना न तो राष्ट्र के हित मे है और न ही कर्मचारियों के हित में। यह एक सोची समझी साजिश है जो कि केवल इसका निवेश कंपनियों के हित में है। उन्होंने कहा कि विगत लोक सभा निर्वाचन के दौरान देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने प्रदेश के शिक्षक एवं कर्मचारियों को भरोसा दिलाया था कि अगर केंद्र में भाजपा की सरकार बनी तो वह पुरानी पेंशन नीति का पुनः लागू करेंगे। शिक्षकों ने उनकी इस बात की प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री को याद दिलाते हुए ज्ञापन भेजकर मांग की हैं कि नवीन पेंशन नीति का समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना को लागू करने के लिए कानून बनायें एवं समूह ग में नियुक्ति पर लगी रोक को हटाकर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाये ताकि शिक्षकों एवं कर्मचारियों के साथ किये गया वादा पूरा हो सके। इस अवसर पर पुष्पेंद्र सिंह गुर्जर, कमाल अहमद, महेंद्र पाल सिंह अनिल कुमार, ओम नारायण पाठक कई शिक्षकगण मौजूद रहे।







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