0 रामावतार व कृष्णावतार की मनोहारी कथाओं से भाव विभोर हुये श्रोता
कोंच-उरई। यहां गल्ला मंडी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में व्यासपीठ से कथा सुनाते हुये कथा प्रवक्ता पं. राघवेन्द्र मिश्र सत्संग के महात्म्य को बताते हुये कहते हैं कि सत्संग के बिना भगवद् कथा सुनने का सौभाग्य नहीं प्राप्त हो सकता क्योंकि भगवान में दृढ प्रेम सत्संग से ही उपजता है, विश्वास होने पर श्रद्धा उत्पन्न होती है तथा विश्वास और श्रद्घा से अंतरूकरण शुद्घ होता है। आज की कथा में रामावतार व कृष्णावतार की कथायें कथा व्यास ने सुनाईं।
गल्ला व्यापारी समिति के तत्वाधान में संयोजित भागवत कथा प्रवाह को आगे बढाते हुये कथा व्यास कहते हैं कि श्रीमद्भागवत सभी मतभेदों का शमन कर समन्वय पैदा करने बाला महान ग्रंथ है, भागवत कथा श्रवण मात्र से ही पापियों के पापों का नाश हो जाता है और उसे सद्गति की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि भगवान व्यासजी को भी इसी ग्रंथ की रचना करने के बाद शांति प्राप्त हो सकी थी। उन्होंने परमात्मा के प्रेम भाव को पारिभाषित करते हुये कहा कि जो व्यक्ति जिस रूप में भगवान का स्मरण करता है उसे उसी रूप में भगवान का सामीप्य प्राप्त होता है। कथा व्यास बताते हैं कि अगर प्राणी भक्तिभाव से परमात्मा को भजता है तो उसे वे उसके इष्टड्ढ के रूप में प्राप्त होते हैं और शत्रु भाव से उनका स्मरण करता है तो उसे वे शत्रु रूप में दर्शन देकर उसका कल्याण करते हैं। रामकथा प्रवाचिका अंजनेश्वरी देवी के संगीतमय भजनों पर श्रोता समुदाय नाचने पर मजबूर हो जाता है। भगवान राम और श्रीकृष्णावतार की कथाओं को सुन कर श्रोता मुग्ध हो उठे। जैसे कृष्ण का अवतरण होते ही गोले दाग कर खुशियां मनाईं गईं। कथा समाप्ति पर परीक्षित आनंद गुप्ता ने भागवतजी की आरती उतारी, अंत में प्रसाद वितरित किया गया। गल्ला व्यापारी समिति के अध्यक्ष अजय गोयल, मंत्री धु्रवप्रताप सिंह निरंजन, उपाध्यक्ष राममोहन रिछारिया, पिंकू गुप्ता, मनोज गुप्ता, संतोष विदुआ, राजीव पटेल, रामस्वरूप मिश्रा, सोहन वाजपेयी, चंद्रशेखर लोहिया, कुक्कू राठौर, दिनेश अग्रवाल सहित तमाम व्यापारी विभिन्न व्यवस्थाओं में लगे हैं।






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