IMG-20160225-WA0138उरई। वामपंथी दलों ने गुरुवार को जेएनयू प्रकरण में शहीद भगत सिंह पार्क से मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर महामहिम राष्ट्रपति के लिए संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
इस अवसर पर इप्टा के उपाध्यक्ष देवेंद्र शुक्ला ने कहा कि देश की सभी प्रगतिशील ताकतों ने जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय नई दिल्ली में हुई राष्ट्र विरोधी गतिविधियों की निंदा की है। लेकिन इसकी आड़ में जेएनयू की छवि बिगाड़ने का कुचक्र बर्दास्त नही किया जायेगा। माकपा के जिला मंत्री कमलाकांत वर्मा ने जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार के ऊपर लादे गये राष्ट्रद्रोह के मुकदमें को राजनैतिक साजिश करार दिया और उनकी अविलंब रिहाई की मांग की। माले नेता राजीव कुशवाहा ने कहा कि सांप्रदायिक और फासिस्ट ताकतें देश भर में घृणा फैलाने और धर्म निरपेक्ष संविधान व्यवस्था को खत्म करने के लिए हिंदू राष्ट्र के निर्माण की जो मुहिम चला रहे हैं उसे बर्दास्त नही किया जायेगा।
भाकपा के विजय सिंह राठौर ने कहा कि हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्र नेता रोहित वैमुला को भगवा बिग्रेड की मुहिम के कारण ही आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा। इसलिए उक्त घटना के जिम्मेदार केंद्रीय मंत्रियों के खिलाफ मुकदमे कायम किये जायें। इस दौरान कैलाश पाठक, सुधीर अवस्थी, रामसिंह चैधरी आदि भी शामिल थे।
उधर इसी दौरान भाकपा माले ने सीडीओ और एडीएम को एक ज्ञापन दिया जिसमें महेबा ब्लाॅक के ग्राम खांखरी में जल स्तर नीचे गिरने से हैण्डपंप ठप्प हो जाने के कारण उत्पन्न पेयजल संकट से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि खांखरी में नब्बे प्रतिशत शौचालयों का निर्माण नही हुआ है इसकी जांच कराई जाये। एक्टू के जिला संयोजक रामसिंह चैधरी, माले के जिला सचिव राजीव कुशवाहा, सुशील कुमार, मुन्ना यादव आदि उपस्थित थे।

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