उरई। कदौरा क्षेत्र में लगभग पचास गौ वंश के अवशेष पाये जाने के चर्चित मामले के मास्टर माइंड ने आखिर पुलिस को चकमा देकर कानपुर देहात में एक दूसरे मुकदमे में सरेंडर कर दिया। कदौरा के प्रभारी निरीक्षक ने बताया है कि उसे बी वारंट से कानपुर देहात से अपने यहां लाने की कार्रवाई उन्होंने शुरू कर दी है। जरूरत पड़ी तो उसे अदालत से पूंछतांछ के लिए रिमांड पर भी लिया जा सकता है।
पिछले महीने अलीपुर-मोहारी में नाले के किनारे खेतों में आधा सैकड़ा सिर कटे गौ वंशों के अवशेष देखे जाने के बाद सनसनी फैल गई थी। मामले की नजाकत को देखते हुए प्रशासन और पुलिस के सारे शीर्ष अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर बमुश्किल उद्वेलित जनता की भावना को संभाला था। इसके बाद पुलिस ने गौकशी में शामिल रहे लोगों को टाॅप प्राथमिकता पर टारगेट किया। नतीजतन तीन लोग इसमें पहले ही पकड़ लिये गये थे जिनमें दो आरोपी पिता-पुत्र थे। पकड़े गये लोगों ने यह बताया था कि वे लोग गुलौली निवासी खालिद के लिए काम करते हैं।
पुलिस ने इस बीच खालिद को दबोचने की जबर्दस्त मशक्कत की। लेकिन वह हत्थे नही चढ़ पाया। कदौरा के प्रभारी निरीक्षक रुद्र कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस के दबाव के चलते ही आज उसने कानपुर देहात में थाने में पहुंचकर आत्म समर्पण कर दिया। खालिद कानपुर देहात में भी एक मामले में वांछित था।





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