27orai05उरई। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की टाॅपर निधि शर्मा ने एक बार फिर जिले का नाम रोशन कर दिया है। उन्हें आज झांसी में विश्वद्यिालय के 20वें दीक्षांत समारोह में प्रदेश के महामहिम राज्यपाल राम नाईक ने डाॅक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया।
इंजीनियर के.के. शर्मा की पुत्री श्रीमती निधि पर होनहार बिरवान के होत चीकने पात की कहावत चरितार्थ होती है। प्राइमरी शिक्षा के समय से ही उनकी गणना क्लास और स्कूल की सबसे मेधावी छात्रा के रूप में होने लगी थी। 2005 में उन्होंनें डीवी काॅलेज से मनोविज्ञान में विश्वविद्यालय में टाॅप पर रहकर एमए किया। बाद में वे इसी विषय पर एक शोध प्रबंध लिखने में व्यस्त हो गईं। उनके शोध प्रबंध को स्वीकृति मिलने पर आज राज्यपाल के हाथों डाॅक्टरेट की उपाधि हासिल करने का गौरव उन्होंने प्राप्त किया।
निधि अपने शोध को पूरा कराने का श्रेय अपने गाइड डाॅ अरुण कुमार श्रीवास्तव को देती हैं। उन्होंने उरई के ही विधि महाविद्यालय से लाॅ किया है और इस समय वे रांची में रहकर पे्रक्टिस कर रहीं हैं। उन्होंने बताया कि अपने एकेडमिक कैरियर को आगे बढ़ाने में उन्हें अपने पति शैलज भटट का भी पूरा सहयोग मिला। यह न होता तो शायद वे शोध प्रबंध पूरा नही कर पातीं।

Leave a Reply