उरई। सोलह वर्षीय किशोरी के साथ हुए रेप की रिपोर्ट न लिखने की वजह से फैक्ट्री एरिया चैकी इंचार्ज को एसपी ने निलंबित कर दिया है। इसी मामले में एक और दरोगा के खिलाफ भी जांच के आदेश किये गये हैं।
कोतवाली क्षेत्र के चैरसी ग्राम में शुक्रवार की शाम शौंच के लिए गई सोलह वर्षीय किशोरी को गांव के ही संजय नाम के शोहदे ने घेर लिया। वह काफी दिनों से किशोरी को परेशान कर रहा था। घटना के बाद किशोरी ने घर वापस लौटकर जब अपनी आपबीती मां-बाप को सुनाई तो वे लोग तुरंत ही उसे साथ लेकर फैक्ट्री एरिया चैकी इंचार्ज कमल प्रताप से मिले। कमल प्रताप का कहना है कि उन्होंने अपने सहयोगी अब्दुल सत्तार के साथ लड़की को मेडिकल के लिए भेजा था। इसके बाद क्या हुआ उन्हें नही पता।
उधर आज दोपहर तक कोई कार्रवाई न होने पर किशोरी के माता-पिता उसे साथ लेकर पुलिस कार्यालय में एसपी से मिलने पहुंच गये। पुलिस अधीक्षक एन. कोलांची ने जब उनकी बात सुनी तो चैकी इंचार्ज की संवेदनहीनता पर उनका गुस्सा भड़क गया। उन्होंने किशोरी के माता-पिता से कोतवाली पहुंचने को कहा। पीछे-पीछे वे खुद भी एडीशनल एसपी और सीओ को साथ लेकर कोतवाली पहुंच गये। वहीं उन्होंने फैक्ट्री एरिया चैकी इंचार्ज को तलब किया। पहले तो एसपी ने चैकी इंचार्ज कमल प्रताप को यह कहते हुए जलील किया कि किशोरी के साथ रेप की रिपोर्ट भी नही लिखेगा क्या। इसके बाद चैकी इंचार्ज को उन्होंने वहीं सस्पेंड करने का फरमान सुना दिया। सीओ जंग बहादुर सिंह से कहा कि शाम तक अब्दुल सत्तार के बारे में भी उन्हें रिपोर्ट पेश करें। उन पर भी कार्रवाई की जायेगी। एसपी के इन तेवरों से कोतवाली में सन्नाटा छा गया। इसी बीच पुलिस ने आरोपी संजय को भी दबोच लिया है।






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