उरई। बुंदेलखंड में सूखे की वजह से हर चीज का बाजार मंदा है लेकिन दहेज के बाजार की गर्मी को सूखा भी नही भेद पा रहा है। जिन किसानों के घरों में लड़कियां हाथ पीले होने का इंतजार कर रहीं हैं वे दहेज की जबर्दस्त मांग देखकर आपा खो देने को मजबूर हो रहे हैं। ऐसे ही एक लाचार किसान ने नातिन के ब्याह की चिंता में खेत पर सूखी फसल देखकर जान गंवा दी।
थाना चुर्खी के टड़वा गांव निवासी लल्लू पाल (60वर्ष) ने इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की चुर्खी शाखा से 1 लाख 60 हजार रुपये का कर्जा ले रखा था। दो महीने पहले जब उन्हें बैंक से नोटिस मिला तो उन्होंने 20 हजार रुपये जमा कराकर फसल होने पर कुछ और अदायगी कर देने की उम्मीद बांधी थी ताकि विवाह की उम्र की दहलीज पर पहुंच चुकी नातिन के हाथ पीले करने के लिए केसीसी का रिन्युवल कराकर नया कर्जा ले सके। उनके दो लड़के हैं रामनरेश और रामप्रसाद लेकिन दोनों ही बेरोजगार हैं। पूरे परिवार का आसरा केवल उनकी साढ़े चार एकड़ खेती है जिसमें उन्होंने इस बार मटर बोया था। लेकिन पानी न मिलने से फसल मुरझाने लगी। दूसरी ओर लड़की के लिए रिश्ता तलाशने वे जहां भी पहुंचे लड़के वाले बड़े दहेज के लिए मुंह फाड़े बैठे मिले।
लल्लू पाल इसके चलते कई दिनों से बुरी तरह परेशान थे। आज सुबह जब वह खेत पर पहुंचे तो गर्मी के कारण पूरी तरह बर्बाद हो चुकी फसल को देख वे इतने ज्यादा तनाव में आ गये कि गश खाकर वहीं गिर पड़े। घबराये घरवालों ने 108 नंबर पर एबुलेंस बुलाने के लिए फोन किया लेकिन दूसरी ओर से कह दिया गया कि डेढ़ घंटे के पहले एंबुलेंस नही आ पायेगी। इसके बाद वे गाड़ी किराये पर कर उन्हें जिला अस्पताल लाये जहां डाक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया।
बुंदेलखंड में दहेज की दरें
वर का जाॅब डिमांड
सिपाही 30 लाख रुपये
सरकारी शिक्षक 30 लाख रुपये
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी 15 लाख रुपये
सफाई कर्मचारी 12 लाख रुपये






Leave a Reply