कोंच-उरई। यहां धनुताल स्थित काली मंदिर में जारी श्रीमद्भागवत कथा के दौरान शुक्रवार को कथा व्यास पं. लवेश कृष्ण महाराज वृंदावन ने परमात्मा के विभिन्न अवतारों की कथा का वर्णन बड़े ही सुरूचिपूर्ण ढंग से करते हुये श्रोताओं को मुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा कि जब भी पृथ्वी पर अधर्म बढता है या भक्तों पर संकट आता है, तब तो परमात्मा अवतार धारण करते ही हैं, भक्तों को दर्शन देने के लिये भी उनका इस धरा धाम पर अवतरण होता है। गजेन्द्र मोक्ष की कथा सुनाते हुये कहा कि जब प्राणिमात्र के सभी सगे सम्बंधी उसका साथ विपत्ति के समय में छोड़ देते हैं तब परमात्मा ही उनकी सहायता के लिये आते हैं।
विद्वान कथा प्रवक्ता ने परमात्मा के समय समय पर लिये गये अवतारों की कथायें सुना कर श्रोताओं को मुग्ध कर दिया। उन्होंने गजेन्द्र मोक्ष की कथा के माध्यम से यह बताने का प्रयास किया कि प्राणिमात्र को केवल परमात्मा पर ही विश्वास करना चाहिये, सांसारिक बंधन तो स्वार्थपूर्ण होते हैं। ग्राह ने जब गजेन्द्र को सरोवर में खींच लिया तो उस समय वहां उपस्थित गजेन्द्र के परिवार के किसी भी सदस्य ने उसकी सहायता नहीं कर पाई तब उसने करुणामय परमात्मा का स्मरण किया और भगवान ने एक पल की भी देर लगाये बिना वहां आकर गजेन्द्र को ग्राह के बंधन से मुक्त कराया। उन्होंने परीक्षित श्रीमती सुनीतादेवी व उनके पति सेठ संजय ने भागवतजी की आरती उतारी, भक्त श्रोताओं को कथा समापन पर प्रसाद वितरित किया गया। प्रतिदिन सायंकाल इसी मंडप में वृंदावन से आई रास मंडली द्वारा भगवान कृष्ण की मनोहारी लीलाओं का दर्शन रासलीला के माध्यम से कराया जा रहा है। रासलीला में भारी भीड़ को देखते हुये कोतवाली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था की है।







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