0 कमिश्नर के हस्तक्षेप के बावजूद दवा विक्रेताओं को अभयदान क्यों
0 मुख्यमंत्री तक शिकायत पहुंचायेंगे भ्रष्टाचार निरोधक वाहिनी के जिला कमाण्डर
cropped-27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ce11.pngउरई। व्यापार कर विभाग की मिली भगत से जिला मुख्यालय पर दवाओं की बिक्री में भारी करापवंचन किया जा रहा है। गत् वित्तीय वर्ष में वसूली का लक्ष्य हासिल न कर पाने की वजह से व्यापार कर विभाग को जिला प्रशासन के अधिकारियों की लताड़ झेलनी पड़ी थी। जिले के नोडल सचिव डाॅ. हरिओम ने भी वाणिज्य कर विभाग की कारगुजारी को संज्ञान में लिया था। बावजूद इसके विभाग की कार्यप्रणाली में कोई सुधार नही आया है। भ्रष्टाचार निरोधक वाहिनी के जिला कमांडर रामजी गुर्जर ने कहा कि जल्द ही वे लखनऊ जाकर दवा बिक्री का पक्का पर्चा न दिये जाने में वाणिज्य कर विभाग की मिली भगत का तथ्य उच्चाधिकारियों के माध्यम् से मुख्यमंत्री तक पहुंचायेंगे।
जिले में चिकित्सा और उपचार पर होने वाला लोगों का खर्चा कुछ वर्षों में चरम सीमा पार कर गया है। ट्रामा संेटर के गेट के बड़े मेडिकल स्टोर और डाॅ. आरके शर्मा के आवास के सामने बालक राम एडवोकेट स्ट्रीट पर संचालित मेडिकल स्टोर एक दिन में लाखों रुपये की दवाओं की बिक्री करते हैं। लेकिन इनके द्वारा सरेआम वाणिज्यकर की चोरी की जाती है। शहर के सबसे व्यस्ततम् क्षेत्र में स्थापित होने के बावजूद वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों और उड़न दस्ते को इन मेडिकल स्टोंरों की जांच करने की फिक्र नही है। डेढ़ वर्ष पहले खुद मंडलायुक्त के राममोहन राव ने जिला अस्पताल के निरीक्षण के बाद साधारण ग्राहक के रूप में ट्रामा सेंटर के गेट के पास के मेडिकल स्टोर का जायजा लिया था। वे यह देखकर दंग रह गये थे कि हजारों रुपये की दवा लेने वाले ग्राहक को भी कम्प्यूटर बिल नही दिये जा रहे हैं। उनकी दवाओं का हिसाब बिना दवा का नाम लिखे हुए नग के हिसाब से जोड़कर एक पर्चा दे दिया जाता है। जिसका कोई रिकार्ड व्यापार कर विभाग में नही जाता। मंडलायुक्त ने इस रवैये पर कड़ी आपत्ति करते हुए आगे से वाणिज्यकर विभाग और औषधि विभाग से इसका जबाव लेकर व्यवस्था दुरुस्त कराने के निर्देश जिला प्रशासन को दिये थे। लेकिन जिला प्रशासन के अधिकारियों ने उनके निर्देश एक कान से सुनकर दूसरे कान से निकाल दिये।
वाणिज्य कर की इस व्यापक चोरी में राजनैतिक दखलंदाजी भी कही दिखाई नही देती। यह चोरी सदाबहार है और बालू की राॅयल्टी की चोरी से ज्यादा बड़ी है जिसमें सत्तारूढ़ पार्टी की इतनी बदनामी हो रही है। दूसरी ओर राजनीतिक पुट न होने के कारण इस चोरी की चर्चा तक लोगों की जुबान पर नही है। भ्रष्टाचार निरोधक वाहिनी के जिला कमाण्डर रामजी गुर्जर ने कहा कि वे मुख्यमंत्री के संज्ञान में इस चोरी को लाने के लिए लखनऊ जायेंगे। उन्होंने कहा कि इस चोरी को रोकने से सरकारी खजाने में उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी की जा सकेगी। साथ ही सरकार की छवि को भी सुधारा जा सकेगा।

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