0 पंचायतों के अधिकार संपन्न होने के बाद अतिक्रमण का सिलसिला और बढ़ा
cropped-27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ce11.pngउरई। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से गांव के सार्वजनिक तालाबों और क्रीड़ा स्थल को अतिक्रमण से बचाने की गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि दबंग इन सार्वजनिक स्थानों को हथियाने का तानाबाना बुन रहे हैं।
पंचायतों के अधिकार संपन्न हो जाने के बाद भी ग्राम सभा की परिसंपत्तियां असुरक्षित बनी हुई हैं। गरीब की पत्नी की तरह दबंग तालाब, मरघट, खेेलकूंद के मैदान आदि जगहों पर छुटटा अतिक्रमण करते रहते हैं और पंचायत हाथ पर हाथ धरे बैठी रहती है। ऐसा ही मामला एट के नजदीक कुरकुरू गांव में सामने आया।
ज्ञापन देने आये जियालाल, गंगादीन, मनोज कुमार, लालू राम, संतोष कुमार, हलीम मुहम्मद आदि ने बताया कि गांव के विशाल तालाब अतिक्रमण के कारण अपने वजूद की पनाह मांग रहे हैं। उनकी हद लगातार सिकुड़ती जा रही है जबकि तालाबों का अस्तित्व आज गांव की जीवनरेखा से जुड़ चुका है। यही हाल इस गांव में खेल के मैदान का है जो कि सिकुड़कर अपनी सार्थकता खो चुका है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से कहा कि वे उनके गांव में नजीर कायम करने लायक कार्रवाइयां अतिक्रमणकर्ताओं के खिलाफ करें। जिससे उनके गांव का भला तो होगा ही, पूरे जनपद में कब्जाखोरों को ऐसा संदेश मिल सकेगा जिससे उन्हें अपनी हरकत से बाज आना पड़ेगा।

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