
महेवा-उरई। ग्राम जहटौली में पानी भरे खेत में आयरन ब्लैड की बाड़बंदी के कारण आधा दर्जन गायें घायल हो गईं। एक घायल अभी भी मौके पर गंभीर हालत में पड़ी है। जिसे पशु अस्पताल तक पहुंचाने की जहमत भी गौ रक्षा के लिए गला फाड़ने वाले गौ भक्तों में से कोई आगे नही आ रहा।
उक्त ग्राम में मलखान राठौर ने अपनी खेती में निजी टयूबवैल के कारण मैंथा प्रशासन की निषेधाज्ञा से बेखौफ होकर सूखे के दौर में विपदा को चरम सीमा पर पहुंचाने के लिए बो रखा है। दूसरी ओर अपनी खेती के खाली हिस्से में जिसमें सिर्फ पानी भरा है उसने परपीड़क मनोवृत्ति के चलते ब्लैडनुमा तारों की खतरनाक बाड़ लगा दी है। प्यासी गायें पानी देखकर खेत में घुसने की कोशिश करने लगीं। जिसमें वे बुरी तरह जख्मी हो गयीं। गौ माता को जरा सी चोट पहुंचाने पर लोगों का कितना खून खौल जाता है यह तो आये दिन फेसबुक और व्हाटसएप के मैसेज बताते हैं लेकिन अपना मलखान चूंकि हिंदू भाई ही है इसलिए खून में उबाल आने लायक गर्मी लोगों में पैदा नही हो पा रही। जिसकी वजह से अभी तक पुलिस ने भी पशु क्रूरता निवारण अधिनियम का कोई मुकदमा इस मामले में दर्ज करने की जरूरत नही समझी है।







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