कोंच-उरई। भारत रत्न बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का 125वां जयंती समारोह यहां परमहंस लॉज में मनाया गया। समारोह के मुख्य अतिथि दलित चिंतक एवं लेखक रामगोपाल आजाद ने इस मौके पर तथाकथित मनुवादियों जिनमें राजनैतिक पार्टियां भी शामिल हैं, पर करारे प्रहार करते हुये कहा कि जिन लोगों ने अंबेडकर को गालियों से नवाजा वही आज उनके गुणगान करते नहीं थक रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन वास्तव में स्वार्थ में लिपटा है क्योंकि यदि यह बाकई परिवर्तन होता तो देश के विभिन्न हिस्सों में दलितों पर होने वाले अत्याचारों और उनके उत्पीडन बंद हो गये होते। उन्होंने कहा कि वास्तव में इन पार्टियों और लोगों का दलित प्रेम वोट के लिये है जिससे सावधान रहने की जरूरत है।
इससे पूर्व अतिथियों रामगोपाल आजाद, सरयूप्रसाद जाटव, दयाराम अहिरवार, यशवंतसिंह पटवारी आदि ने बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावसिक्त श्रद्धाप्रसून समर्पित किये। आयोजन समिति के अध्यक्ष विश्वंभरदयाल जाटव, श्यामकिशोर जाटव, तेजराम एडवोकेट, अशोक भारती, परमसुख बाबू, मुन्नालाल सरौनिया, सूर्यकुमार आदि ने अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। बालिकाओं ने रावण जैसा भाई चाहिये शीर्षक की कविता का पाठ किया। बुद्ध वंदना, त्रिशरण एवं पंचशील के सामूहिक समागम के बाद सरयूप्रसाद एवं रमेशचंद्र जाटव ने शिक्षित करो, आंदोलित करो और संगठित करो को गंभीरता से अमल में लाये जाने पर जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में बीस उत्कृष्ट समाजसेवियों को मंच के माध्यम से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।






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