

* शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने बैंक द्वार पर काटा हंगामा
कोंच। पिछले दस माह से वेतन नहीं मिलने के कारण फाकाकशी की नौबत पर पहुंचे मथुराप्रसाद स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्व वित्तपोषित योजना में पढाने बाले शिक्षकों और काम करने बाले कर्मचारियों ने आज स्टेट बैंक शाखा के बाहर जमकर हंगामा काटा और ब्रांच मैनेजर पर अभद्रता का आरोप लगाया। बैंक प्रबंधन ने हंगामा काट रहे लोगों पर नकेल कसने के लिये पुलिस तक को बुलवा लिया और किसी तरह मामला शांत कराया। हंगामा काट रहे शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का आरोप है कि वे अपना वेतन निकालने आये थे लेकिन बैंक शाखा प्रबंधक प्रपत्रों की कमियां बता कर उनके साथ अभद्रता की और वेतन निकालने से मना कर दिया।
नगर की सबसे प्रतिष्ठित संस्था मथुराप्रसाद स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्व वित्तपोषित योजनांतर्गत कार्य करने बाले शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को पिछले दस माह से वेतन नहीं मिली है जिसके चलते उनके घरों में फाकाकशी की नौबत है और किसी तरह वे अपनी गृहस्थी की गाड़ी खींच रहे हैं। गुरुवार को ऐसे कमोवेश दर्जन भर शिक्षक व कर्मचारी बैंक से वेतन का पैसा निकालने के लिये पिछले पंद्रह दिन से चक्कर काट रहे हैं लेकिन मैनेजर रोज ही एक नया प्रपत्र मांग कर उन्हें टरकाते आ रहे हैं। आज भी वे लोग बैंक शाखा पहुंचे तो मैनेजर ने अभद्रता करते हुये जब उन लोगों को बैंक शाखा से बाहर निकाल दिया। बाहर आते ही इन शिक्षकों और कर्मचारियों ने बैंक शाखा प्रबंधक के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी जिस पर बैंक प्रबंधन ने पुलिस को बुलवा लिया। पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया तब हंगामा काट रहे लोगों ने तहसील जाकर एसडीएम को ज्ञापन देकर शाखा प्रबंधक के अभद्रतापूर्ण रवैये पर आक्रोश जताते हुये उन्हें यहां से हटाने के लिये कहा। इस दौरान डॉ. प्रभांशु नगाइच, डॉ. मनोज तिवारी, डॉ. मधुरलता द्विवेदी, अभिषेक रिछारिया, रविकांत, सौरभ गुप्ता, अक्षयवर नाथ, प्रदीपकुमार, मनीषकुमार, डॉ. स्वराजमणि अग्रवाल, डॉ. राकेश वर्मा, डॉ. मनीष द्विवेदी, अल्पनासिंह, वंदना अग्रवाल, सुनीलकुमार, राकेश गौतम, हरीमोहन पाल आदि के अलावा प्रबंधकारिणी समिति के सदस्य केशव बबेले भी मौजूद रहे।






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