03orai02उरई। बिजली विभाग द्वारा कार्यों में पारदर्शिता न बरती जाने को दाल में काले का नमूना बताते हुए जन प्रतिनिधियों ने विभाग के कार्याें का सत्यापन कराने की मांग की है।
जिला विद्युत समिति की बैठक में जनप्रतिनिधियों ने बिजली विभाग की जमकर बखियां उधेड़ीं। विभाग की ओर से सफाई देने का मोर्चा संभाल रहे विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता एसएन प्रसाद को जनप्रतिनिधियों के इस तेवर के कारण जबाव देना मुश्किल हो गया। माधौगढ़ कोंच विधानसभा क्षेत्र के विधायक संतराम कुशवाहा ने कहा कि बिजली विभाग के कामों में जबर्दस्त घपलेबाजी है। कोंच क्षेत्र में 35 नये ट्रांसफार्मर लगवाने की जानकारी दी गई है जबकि पहले से ही क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में ट्रांसफार्मर लगे थे। इतने और ज्यादा ट्रांसफार्मर लगवाये जाने के बावजूद समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। जिससे स्थिति संदिग्ध मालूम हो रही है। डीएम ने अधीक्षण अभियंता से कहा कि वे आइंदा से बैठक होने के पहले जनप्रतिनिधियों को कार्याें की जानकारी दिलाना सुनिश्चित करें। साथ ही बैठक में जनप्रतिनिधियों के प्रश्नों का स्पष्ट उत्तर देने की तैयारी करके आयें। सांसद प्रतिनिधि अनिरुद्ध मिश्रा ने कहा कि तार बदलने के नाम पर धांधली की गई है। कहां-कहां तार बदले गये इसकी कोई जानकारी नही दी जा रही है। उन्होंने रूपापुर, हरदोई गूजर, सदूपुरा, लौना, कुअरपुरा और कुसमिलिया में मानक के अनुरूप कार्य न होने का आरोप लगाया।
बैठक में कनेक्शन देने में विभाग द्वारा हीला-हवाली का मुददा भी जोरशोर से उठाया गया। अधीक्षण अभियंता ने कहा था कि ग्रामीण क्षेत्र मे केवल 16 प्रतिशत लोग कनेक्शन जुड़वाकर बिजली जला रहे हैं। बड़े पैमाने पर विद्युत चोरी की वजह से ही व्यवस्था खराब है। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि गांव वाले कनेक्शन के लिए विभाग के चक्कर काटते रहते हैं लेकिन सुविधा शुल्क वसूली की वजह से कनेक्शन देने में देरी की जाती है। लोगों को मजबूरी में कटिया डालनी पड़ती है।
बैठक में सांसद भानु प्रताप वर्मा, कालपी विधायक प्रतिनिधि सुरेंद्र सिंह सरसेला, सदर एमएलए दयाशंकर वर्मा, एमएलसी यज्ञदत्त शर्मा के प्रतिनिधि भगवान दास त्रिपाठी, विद्युत वितरण खंड-1 के अधिशाषी अभियंता रमेश चंद्र और द्वितीय के अधिशाषी अभियंता तरण वीर सिंह भी मौजूद थे।

Leave a comment