फाइल पर चर्चा के बहाने कार में बैठाकर ले गए थे चार लोग, रातभर पुलिस की कार्रवाई में तीन संदिग्ध हिरासत में
उरई । जालौन जिले के कालपी निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता गयादीन अहिरवार की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। उरई न्यायालय से कालपी लौटने के बाद वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। परिजनों की सूचना पर सक्रिय हुई पुलिस ने रातभर अभियान चलाकर तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया। उनकी निशानदेही पर अधिवक्ता का शव कानपुर नगर के सचेंडी थाना क्षेत्र से बरामद किया गया। प्रारंभिक जांच में जमीन का विवाद घटना की वजह के रूप में सामने आया है। पुलिस मामले की गहराई से छानबीन कर रही है।
पुलिस अधीक्षक जालौन सुरेश चंद्र रावत के अनुसार, वरिष्ठ अधिवक्ता गयादीन अहिरवार कल उरई न्यायालय आए थे। न्यायालय का काम निपटाने के बाद वह कालपी पहुंचे और अपने बेटे को स्टैंड पर बुलाया। इसी दौरान एक व्यक्ति उनसे मिलने आया। बताया जाता है कि वह किसी फाइल पर चर्चा करने के बहाने अधिवक्ता को अपनी कार में बैठाकर ले गया। कार में कुल चार लोग सवार थे। कुछ समय बाद अधिवक्ता का मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई।
सूचना मिलते ही सक्रिय हुई पुलिस, एसपी ने संभाली कमान
अधिवक्ता के लापता होने की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की विभिन्न टीमों को तलाश में लगाया गया। पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत स्वयं रातभर कालपी में मौजूद रहे और अभियान में जुटी टीमों को आवश्यक निर्देश देते रहे।
पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद लेने के साथ-साथ घटनाक्रम से जुड़े संभावित मार्गों और स्थानों के सीसीटीवी फुटेज का भी अवलोकन किया। संदिग्धों की पहचान और अधिवक्ता तक पहुंचने के लिए रातभर प्रयास किए गए। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के दौरान तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।
निशानदेही पर सचेंडी में मिला शव
पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ और उनकी निशानदेही के आधार पर अधिवक्ता गयादीन अहिरवार का शव कानपुर नगर के सचेंडी थाना क्षेत्र से बरामद किया गया। शव मिलने की सूचना से मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। पुलिस अब घटना से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
शव बरामद होने के बाद पंचायतनामा और पोस्टमार्टम सहित अन्य आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस घटना में प्रयुक्त कार और अन्य साक्ष्यों की बरामदगी के प्रयास भी कर रही है।
जमीन विवाद की आशंका, सभी पहलुओं पर जांच
पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत के अनुसार, प्रारंभिक जांच में जमीन से संबंधित विवाद की बात सामने आई है। आशंका है कि इसी विवाद के चलते घटना को अंजाम दिया गया। हालांकि, घटना के पीछे की वास्तविक वजह और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की पुष्टि विस्तृत जांच तथा साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
पुलिस हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ कर रही है।





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