09orai06उरई। कलेक्ट्रेट परिसर में कर्मचारियों द्वारा आज सजाई गई गीत, गजल और शायरी की अनोखी महफिल का कौतूहल में जुटे लोगों की भीड़ पूरे समय लुत्फ उठाती रही। चैकिये नही यह किसी कर्मचारी नेता के घर में आई खुशखबरी का जश्न नही था बल्कि कर्मचारियों ने अपनी मांगों की ओर सरकार का ध्यानाकर्षित कराने के लिए गांधीगीरी के इस नये अंदाज को गढ़ा था।
उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ के प्रदेश व्यापी आवाहन पर 13 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट के कर्मचारी नेता गुरुवार को जिलाध्यक्ष विजय शरण और मंत्री बृजेश कुमार निरंजन के नेतृत्व में धरने पर बैठ गये। इस दौरान आयोजित हुई धरना सभा में परंपरागत भाषणबाजी से दामन छुड़ाकर कर्मचारी नेताओं ने बहुत मजेदार तरीके से सरकार को झकझोरने का प्रयोग किया। इसमें कर्मचारी नेताओं ने फिल्मी गीतों की पैरोडी सुनाई, गजलें पढ़ी और लोक गीतों की तर्ज पर सरकार को कोसने वाले गीत गाये। नये पन के कारण उनके आंदोलन के दौरान कलेक्ट्रेट में आये अन्य लोगों का मजमा भी धरना स्थल के आसपास जुटा रहा।

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