उरई। माधौगढ़-बंगरा रोड पर गैस सिलेंडर से चल रही कार में अचानक लपटें उठने लगीं। इस बीच कार में बैठे पांच लोग बदहवास हालत में गेट खोलकर गाड़ी से कंूद कर बाहर आ गये। पाॅलीटेक्निक के सामने हुए इस हादसे की वजह से व्यस्ततम् सड़क पर दूसरे राहगीरों में भी दहशत के कारण अफरा-तफरी मच गई। खबर पाकर पहुंची पुलिस ने हादसे को गंभीर रूप लेने से रोकने के लिए आवागमन बंद करा दिया।
किफायत के चक्कर में ग्रामीण क्षेत्र में लोग कंडम 800 कार खरीद कर बिना सुरक्षित किट के गैस से चलाना शुरू कर देते हैं। जिससे कई बार दुर्घटनाओं की नौबत आ चुकी है। पुलिस स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए अनियमित ढंग से गैस चालित वाहनों की मानवीय आधार पर टोकाटोकी नही करती। लेकिन यह केवल कायदे कानून के उल्लघंन का मामला ही नही है बल्कि इससे जनजीवन के लिए बड़ा संकट भी पैदा हो सकता है। पुलिस दूर तक सोच न पाने की वजह से इस पहलू को नजर अंदाज कर जाती है।
इसी रिवाज के तहत बंगरा की ओर से गैस चलित मारूति कार माधौगढ़ की तरफ आ रही थी जिसमें पांच लोग सवार थे। रास्ते में गैस लीक होने का ड्राइवर को पता नही चल पाया और पाॅलीटैक्निक के सामने आग पकड़ जाने से गैस भभक उठी और देखते ही देखते उसने प्रचण्ड रूप धारण कर लिया। कार में बैठे लोग किसी अनहोनी के शिकार होते इसके पहले ही वे लोग गेट खोलकर सुरक्षित कार से बाहर निकल आने में कामयाब हो गये।
बाद में कार से लपटें उठती रहीं लेकिन लोग असहाय होने से मूक दर्शक रहकर कार के पूरी तरह जलने का इंतजार करने को मजबूर थे। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। प्रमुख मार्ग होने के कारण रास्ते से गुजरने वाले अन्य वाहनों में कोई घटना न घट जाये इसलिए पुलिस ने दोनों ओर से आवागमन बंद करा दिया।
पता चला है कि कार में आग लगते ही पांचों सवार बाहर आने के बाद भाग निकले। इस कारण कार किसकी थी यह भी पता नही चल सका। जनचर्चा के मुताबिक कार ऊमरी के किसी निवासी की थी। पुलिस ने बिना जनहानि के कार के राख में बदल जाने के बाद आग ठंडी पड़ जाने पर राहत की सांस ली। थानाध्यक्ष मनोज यादव ने बताया कि कार मालिक का पता लगाकर उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।






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