0 बिना किसी जांच के एफआईआर को आधार बनाया पुलिस ने
0 रंजिश के कारण वादी ने लिखाई है नामजद एफआईआर
कोंच-उरई। गत रोज रात दस बजे के आसपास जवाहर नगर मोहल्ले के बाजार में इलैक्ट्रोनिक्स की दुकान में लगी आग के मामले में पुलिस ने तीन को जेल भेज कर अपना काम हल्का कर लिया है। मामले में वादी ने चार नामजद सहित पांच उन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी जिनसे वादी की काफी पुरानी रंजिश है। पुलिस भी मान रही है कि अभी जांच होना बाकी है, इसके बाबजूद तीन को बिना जांच के जेल भेजना हैरान करने वाली बात है।
बीती 9/10 सितंबर की रात कस्बे के जवाहर नगर इलाके के बाजार में हेमंत अग्रवाल की इलैक्ट्रोनिक्स की दुकान में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लगने से लगभग बीस लाख का नुकसान हो गया था। इस मामले में दुकान मालिक ने अपने दुकान के पड़ोसियों हरीशंकर, ब्रजकिशोर, छोटे, गंगाप्रसाद पुत्रगण हरदयाल ताम्रकार तथा एक अन्य व्यक्ति आगजनी की घटना का दोषी बताते हुये आईपीसी की धारा 436, 427, 504, 506 में एफआईआर दर्ज कराई थी। हालांकि इनमें से तीन को उसी दिन पुलिस ने हिरासत में ले लिया था लेकिन सीओ एके शुक्ल ने कहा था कि मामले की जांच फायर ब्रिगेड और विद्युत विभाग से कराई जायेगी ताकि आगजनी के सही कारणों का पता लग सके और जो दोषी हो वही जेल जाये। इसके बाबजूद बिना किसी जांच पड़ताल के आज तीन लोगों हरीशंकर, ब्रजकिशोर व गंगाप्रसाद पुत्रगण हरदयाल निवासी जवाहर नगर कोंच को जेल भेज दिया गया है। कोतवाल मनवीर सिंह का कहना है कि प्रथम दृष्टड्ढ्या ऐसा प्रतीत होता है कि इन लोगों ने ही घटना को अंजाम दिया है। उनका कहना है कि दोनों में आपसी रंजिश भी आग लगाने का कारण माना गया है। क्या बिजली विभाग व फायर की रिपोर्टें प्राप्त हो गईं हैं, के सवाल पर उनका कहना है कि उन्हें जांच सौंप दी गई है, रिपोर्ट का इंतजार है। बहरहाल, पुलिस की इस बेसिरपैर की कहानी में कई छेद हैं लेकिन पुलिस तो आखिर पुलिस है, उसकी करनी पर कानून का मुलम्मा जो चढ़ा है।






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