उरई। सुरक्षा के हाईएलर्ट को देखते हुए बिना पक्के आईडी प्रूफ के मोबाइल सिम की बिक्री रोकने के लिए सरकार और पुलिस चाहे जितनी कड़ाई बरत रही हो लेकिन सिम विके्रताओं को इसकी कोई परवाह नही है।
रिलायंस की 4 जी सिम के लिए मारामारी का माहौल है जिसमें चांदी काटने को आतुर डीलर सबसे ज्यादा सुरक्षा पाबंदियों की धज्जियां ब्लैक मार्केटिंग के लिए उड़ा रहे हैं। जियो सिम की घोषित कीमत 100 रुपये है लेकिन सावित्री प्लाजा स्थित एक शाॅप से 500 से लेकर 1000 रुपये तक ब्लैक वसूल कर सिम किसी भी अंजान आदमी को एक्टीवेट करके थमा दी जाती है। जाहिर है कि सिम की इस तरह बिक्री से राष्ट्र विरोधी शक्तियों को इनका दुरुपयोग करने का अवसर मिल सकता है लेकिन पुलिस को इसकी भनक नही है जिससे अभी इस पर एक्शन की नौबत नही आ पा रही।
मान लीजिए कि उरई जैसे शहर में शत्रु देश के एजेंटों के हाथों बिना आईडी की सिम पड़ने का खतरा न्यून हो लेकिन यहां अपराधी तो बहुतायत में मोबाइल सेवा का इस्तेमाल वारदातों में करने के अभ्यस्त हैं जिससे बिना आईडी के एक्टीवेट सिम की बिक्री संगीन वारदातों के बढ़ने का कारण तो बन ही सकती है। पुलिस के जिम्मेदार अफसरों से इसके कारण सतर्कता बरतने और कार्रवाई करने की अपेक्षा की जा रही है।







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