उरई। कलेक्ट्रेट स्थित वन स्टॉप सेंटर में आयोजित “नारी शक्ति वंदन अभियान” महिलाओं के उत्साह और सहभागिता से एक प्रेरणादायक आयोजन बन गया। तीन दिवसीय अभियान के तहत हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेते हुए अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता दिखाई और आत्मनिर्भर बनने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने महिला सशक्तिकरण को केवल एक विचार नहीं, बल्कि व्यवहारिक परिवर्तन का माध्यम बताते हुए महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार जनपद में “नारी शक्ति वंदन अभियान” को व्यापक स्तर पर संचालित किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों, स्कूल-कॉलेजों और वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से महिलाओं को स्वावलंबन, स्वाभिमान और उनके अधिकारों के प्रति लगातार जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र महिला तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह महिलाओं को नीति निर्धारण की मुख्यधारा में सशक्त भागीदारी देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के माध्यम से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिससे निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी और मजबूत होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत की महिलाएं शिक्षा, विज्ञान, खेल, कृषि और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं, अब समय है कि नीति निर्माण में भी उनकी समान और प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित की जाए। यह अधिनियम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे), नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने इसे एक जन-जागरूकता अभियान का सशक्त रूप प्रदान किया।







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