इटावा: चंबल संग्रहालय परिवार के तत्वावधान में लुहिया गांव में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, प्रखर समाजवादी नेता और ‘युवा तुर्क’ के नाम से सुविख्यात चंद्रशेखर सिंह की 100वीं जयंती (जन्मशती वर्ष) पर पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में चंद्रशेखर जी के समाजवादी दर्शन, सादगी भरे जीवन और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया गया।
लुहिया गांव स्वतंत्रता संग्राम और समाजवादी आंदोलन का ऐतिहासिक गवाह रहा है। चंद्रशेखर का इस गांव से गहरा नाता था और वे कई बार यहां आए थे।
चंबल संग्रहालय के निदेशक चन्द्रोदय सिंह ने चंद्रशेखर जी को स्मरण करते हुए कहा, “चंद्रशेखर जी का लुहिया से आत्मीय रिश्ता था। वे यहां कई आए थे। वे गांव की चौपाल पर बैठकर किसानों-मजदूरों से सीधा संवाद करते थे। उनकी सादगी और बेबाकी आज भी लोगों के जेहन में जिंदा है।”
चंबल संग्रहालय परिवार के वरिष्ठ सदस्य अमर सिंह तोमर ने कहा, “चंद्रशेखर जी ने सत्ता को कभी साध्य नहीं, साधन माना। उनके समाजवादी विचार, नैतिक राजनीति और अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का संकल्प ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। हमें उनकी विरासत को नई पीढ़ी तक ले जाना है ताकि युवा उनके मूल्यों से प्रेरणा ले सकें।”
इस दौरान लुहिया गांव के लोगों ने चंद्रशेखर जी के लुहिया प्रवास के संस्मरण साझा किए।







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