जालौन-उरई। नगर तथा क्षेत्र में स्थापित सभी देवी प्रतिमाओं को द्वारिकाधीश मंदिर के प्रांगण में एकत्रित कर नगर के विभिन्न रास्तों से निकाला गया। जिससे पूरा नगर जय माता दी के जयकारों से गूंज रहा था। महिलाऐं और नवयुवक डीजे की धुनों पर सड़कों पर थिरकते हुए निकल रहे थे। देवीभक्तों द्वारा देवी को चुनरी भेंट की गई। समाजसेवीजनों ने जगह-जगह पानी और शर्बत पिलाकर शोभा यात्रा में चल रहे भक्तों का गला तर किया। इसके बाद देवी विसर्जन का जुलूस ग्राम लौना के पास स्थित तालाब में विसर्जन के लिए रवाना हुआ।
नगर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित सभी मूर्तियों को सर्वप्रथम नगर के बीचोंबीच स्थित द्वारिकाधीश मंदिर के प्रांगण में एकत्रित किया गया। जहां नवदुर्गा समिति द्वारा प्रत्येक को क्रमांक वितरित कर उसी क्रम में चलने को भी कहा गया। देवीजी शोभायात्रा द्वारिकाधाीश मंदिर से प्रारंभ हुई जो झंडा चैराहा, बस स्टैंड, तहसील रोड से कोतवाली रोड होते हुए देवनगर चैराहे से डाकघर, कांजी हाउस, पानी की टंकी, सब्जी मंडी, छोटी माता मंदिर होते हुए सहावनाका से सीधे ग्राम लौना के पास स्थित तालाब में विसर्जन के लिए रवाना हुई। पूरे नगर में शोभा यात्रा के दौरान अबीर, गुलाल तथा प्रसाद वितरण किया गया। इस मौके पर जयमाता दी के जयकारों से पूरा नगर गूंज रहा था। कई देवीभक्त डीजे पर बज रहे देवी गीतों पर जमकर ठुमके लगा रहे थे। शोभा-यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का नेतृत्व उपजिलाधिकारी शीतला प्रसाद यादव, पुलिस क्षेत्राधिकारी अरूण कुमार सिंह, कोतवाली प्रभारी शिवसागर दीक्षित, चैकी इंचार्ज मनोज सैनी संभाले हुए थे।







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