कोंच;जालौन। सरकारे कागजो में नहीं विकास कार्याें से संतुष्ट रहती है या फिर अपने विकास कार्याें की समीक्षा नहीं करती प्रदेश की जनता को को शिक्षा स्वास्थ्य और सुरक्षा की सुविधा देने वाली सरकार को पता है कि कोंच का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चिकित्सो से खाली पड़ा है जहाॅ ग्यारह चिकित्सक होने चाहिये वहाॅ मात्र चिकित्सक भर है। मात्र दो चिकित्सको के सहारे चल रहा है कोंच का सी.एच.सी. यही दो चिकित्सक मरीजो को भी देखे और कागजी कार्यवाही भी करे ऐसे में लड़ाई झगड़े दुर्घटना आदि से हुये घायल मरीज आ जाये तो उन्हें भी चिकित्सा उपलब्ध कराये इसी बीच कोई इमरजेन्सी का मामला आ जाये या फिर मुख्यालय पर मीटिंग हो जाये तो उसे भी अटैन्ड करे। आखिर ये सब हो तो कैसे फिर मरीजो का लगा रहता है तांता जब सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में अने वाले मरीजो की ही नहीं हो पाती ठीक से देखभाल तो अन्य व्यवस्थाओं कीह क्या बात की जाये। कोंच क्षेत्र की जतना का दुर्भाग्य कहा जाये या फिर सहनशीलता कि सड़को के नाम पर गढ्ढे ही गढ्ढे शिक्षा के नाम पर कोई शासकीय टेक्नीकल काॅलेज नहीं स्वास्थ्य के नाम पर स्वास्थ्य केन्द्र तो है पर चिकित्सक नहीं ग्यारह चिकित्सको की जगह मात्र दो चिकित्सक भर है। अन्य स्वास्थ्य संबंधी जाॅचो और दवा सम्बंधी सुविधाओं की बात की भी जाय तो क्या ?





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