कोंच;जालौन। मोदी सरकार द्वारा 500-1000के नोटो पर लगाये गये बैन का नायजाज फायदा उठा रहे है प्राईवेट शिक्षण संस्थान जिससे अभिभावको में बढ़ता जा रहा रोष विभिन्न प्राइवेट शिक्षण संस्थानो में नोटबंदी का अवैध तरीके से फायदा उठाया जा रहा है। एक अभिभावक ने अपना नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया कि उनके बच्चे एक स्थानीय इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ते है वे नियमित सही समय पर अपने बच्चो की फीस जमा करते है पर जब से नोटो का बैन लगा है तब से फीस की समस्या होने लगी है स्कूल कवाले 500 व 1000 केनोट स्वीकार ही नहीं कर रहे है यदि ले भी रहे है तो सशर्त उनकी शर्त रहती है कि शेष महिनों की शुल्क अग्रिम जमा करनी होगी वरना कि स्थिति में बैन किये गये नोट नहीं लिये जायेगे। ऐसा न केवल प्राइवेट शिक्षण संस्थान ही कर रहे है बल्कि उनसे ज्वाइंट बुक सैलर्स व यूनिफार्म निर्माता भी यही शर्त रख रहे है जब अभिभावक के द्वारा की गइ शिकायत की तस्दीक करने के लिये प्राइवेट शिक्षण संस्थानो के संचालक पवन दीप प्रदीप सोनी बृजेश राज नरेश खरे बी.सी. विश्वकर्मा श्रीमती मीणा देवी सभी प्रधानाचार्याें से अलग अलग बात की तो उनका कहना था कि हम अभिभावको को सहूलियत ही दे रहे है परेशानी से बचा रहे है।

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