उरई। एल्ड्रिच पब्लिक स्कूल में पृथ्वी दिवस के अवसर पर छात्रों ने एक प्रेरणादायक नाटक प्रस्तुत कर पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश दिया। बच्चों की भावनात्मक प्रस्तुति ने उपस्थित सभी लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया।
नाटक की शुरुआत में बच्चों ने धरती पर हल चलाकर बीज बोने और समय-समय पर सिंचाई करने का दृश्य प्रस्तुत किया। धीरे-धीरे पौधे उगते हैं, पेड़ बनते हैं, उन पर पत्तियाँ और फूल आते हैं, तितलियाँ मंडराने लगती हैं और बच्चे व पशु-पक्षी पेड़ों की छांव में आनंद लेते दिखते हैं। लेकिन अचानक कुछ लोग निर्माण कार्य के नाम पर पेड़ों को काट देते हैं, जिससे बच्चों और आसपास के लोगों का भावनात्मक जुड़ाव टूट जाता है। इस दृश्य ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया।
विद्यालय के प्रबंधक इंजीनियर अजय इटौरिया ने कहा कि बच्चों ने अपने अभिनय के माध्यम से यह महत्वपूर्ण संदेश दिया है कि पेड़ काटने से पहले उन्हें उगाने की जिम्मेदारी समझनी चाहिए, तभी पर्यावरण का संतुलन बना रह सकता है। उन्होंने बताया कि बच्चों ने ग्लोबल वार्मिंग जैसी गंभीर समस्या की ओर भी ध्यान आकर्षित किया और समाधान के रूप में जल संरक्षण, वृक्षारोपण और प्लास्टिक के कम उपयोग का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों और शिक्षकों ने पृथ्वी की रक्षा करने, पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने, प्लास्टिक का उपयोग कम करने तथा हरियाली बनाए रखने की शपथ ली।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य नीलमा पांडेय, संगीता गुप्ता, रचना गुप्ता, सृष्टि पुरवार सहित समस्त शिक्षकगण और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। बच्चों की यह प्रस्तुति न केवल प्रेरणादायक रही, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण भी बनी।
“पेड़ लगाओ, पृथ्वी बचाओ” का संदेश कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा।





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