उरई। अवैध खनन को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ कठोर चेतावनी जारी कर चुके हैं। उन्होंने अवैध खनन उजागर होने पर सीधे डीएम, एसपी पर गाज गिराने का एलान किया है। उनकी घोषणा से इस कारगुजारी में सहयोग देने वाले ज्यादातर अधिकारी और कर्मचारी सहमे हुए हैं लेकिन फिर भी कुछ ऐसे लोग प्रशासन और पुलिस में हैं जो अवैध खनन को संरक्षण देकर यह साबित करना चाहते हैं कि उनकी पूछ कोई भी आ जाये टेढ़ी की टेढ़ी ही रहेगी।
इसकी जीती जागती मिसाल एट थाने में देखी जा रही है। जहां पिछले दो दिनों से सलाघाट के पास अवैध खनन शुरू है और इस मौरम को रात में ट्रैक्टरों के जरिए ढोया जा रहा है। इस बारे में जब जानकारी की गई तो यह बात प्रकाश में आई कि एट पु लिस का एक चर्चित सिपाही अपनी गारंटी पर यह खनन करा रहा है। यह सिपाही लगभग तीन वर्ष से एट थाने में टिका हुआ है। तीन बार इसका ट्रांसफर भी हुआ लेकिन इसके हाथ पुलिस विभाग की सारी व्यवस्थाओं से लंबे साबित हुए। जिसके चलते हर बार इसका ट्रांसफर अधिकारियों को रोक देना पड़ा। मजे की बात यह है कि पिछली सरकार में इसकी चांदी थी और इस सरकार में भी यह अपने को इलाके का बेताज बादशाह मान रहा है। सुपर काॅप कहे जाने वाले इस सिपाही के बारे में यह स्पष्ट कर देना मुनासिब होगा कि इसका संबंध यादव जाति से नही है इसलिए इसकी कारगुजारियां ऊपर के अधिकारियों की निगाह में न आ पायें तो कोई आश्चर्य नही होगा।

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