
उरई । जन प्रतिनिधि का दबदबा लोकतंत्र में निरंकुश तंत्र पर लगाम और जनहित की मजबूत पहरेदारी के रूप में सामने आना चाहिये । इस कसौटी पर खुद को पूरी तरह खरा साबित करने पर ध्यान दे रहे हैं नव निर्वाचित सदर विधायक गौरीशंकर । आज मेडिकल कॉलेज पहुँच कर उन्होने मगरूर डाक्टरों की नक्शेबाजी पर ऐसे तमाचे जड़े कि उनके होश ठिकाने आ गए । मेडिकल अस्पताल में हर रोज दुत्कार झेलने वाले आम मरीज इससे बेहद खुश थे ।
4500 करोड़ रुपये की लागत से बना उरई का मेडिकल कालेज देखने में तो आलीशान लगता है लेकिन व्यावहारिक कसौटी पर यह पूरी तरह खोखला है । जरूरी उपचार सुविधाओं के मामले में आज तक यह अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो सका है । हद तो यह है कि मेडिकल कालेज में पीने के पानी तक की सुविधा नहीं है । मरीजों के लिए तीमारदारों को पानी लेने काफी दूर जाना पड़ता है । कालेज प्रशासन को सुविधाओं के लिए पैरवी की फिक्र भी नहीं है । कालेज के बजट का वारा न्यारा करने और मरीजों का पूरा तेल निकाल कर अपनी जेबें भरने में वे इस कदर बिजी रहते हैं कि समाज सेवा के लिए वक्त निकालें तो कैसे । हालांकि यह समाज सेवा नहीं उनका जरूरी फर्ज है जिसके लिए प्राचार्य हों या अधीक्षक सरकार उनको मोटी तनख्वाह और भत्ता देती है । इसके बावजूद डाक्टरों को मरीजों से सीधे मुँह बात करना भी गवारा नहीं होता ।
ऐसी शिकायतें सुन कर पिछले कुछ दिनों से विधायक गौरी शंकर के कान पक गए थे । इसलिये मंगलवार को वे मेडिकल कालेज जा धमके । ओपीडी में खड़े मरीजों से ले कर वार्डों में भर्ती मरीजों तक से उन्होने बात की । विधायक की इस स्टायल से मेडिकल में हड़कंप मच गया । मरीजों का रोना सुन कर आम तौर पर बहुत संयत माने जाने वाले गौरी शंकर का सब्र जवाब दे गया । उन्होने डाक्टरों और स्टाफ की उनके अमानवीय रवैये को ले कर वो फटकार लगायी कि उनकी घिग्घी बांध गई । सबसे ज्यादा नाराजगी ई एन टी विशेषज्ञ पर उतारी जिनके बर्ताव की सबसे ज्यादा शिकायतें बतायीं गयीं ।
मेडिकल कालेज में बाहर से जाँच और दावा लाने का सिलसिला बदस्तूर जारी है । सदर विधायक ने इसको संजीदगी से संज्ञान में लिया और आगाह किया कि यह सरकार बदलाव के लिए कमर कसे हुए हैं । इसके मुताबिक चलने के लिए आप भी अपने को बदलें । उन्होने कहा कि अच्छी मंशा दिखायें वे भी आप की मदद करेंगे । मेडिकल कालेज की सभी जरूरतों की पूर्ति शासन से करायेंगे ।
इस बीच विधायक ने आज बी एस ए दफ़्तर में भी खलबली मचा दी । अवकाश का दिन होने के वाबाजूद आज वहाँ दफ़्तर खुला था और पैसे ले कर किए गए तबादलों के ज्वाइनिंग लैटर बाँटे जा रहे थे । विधायक ने बैक डेट में की जा रही यह कारिस्तानी रंगे हाथों पकड़ ली और चेताया कि वे शासन को इसकी लिखित शिकायत सौंपेंगे । बी एस ए का स्टेनो विधायक से माफी के लिए गिड़गिड़ाता रहा पर विधायक ने कहा तुम चुनाव के समय भी यह कर रहे थे तब तुम्हें रोका गया था । फिर भी तुम नहीं सुधरे ।




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